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रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की थोक बिक्री पर 90 दिनों के लिए लगा प्रतिबंध 

Source : business.khaskhabar.com | Jun 12, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 90 day ban imposed on bulk sales of diesel and petrol at retail pumps 820702नई दिल्ली।  भारत सरकार ने पेट्रोल (मोटर स्पिरिट) और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री को लेकर नए प्रतिबंध लागू किए हैं। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, अब रिटेल पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने पर रोक रहेगी और संस्थागत व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का ईंधन उनके निर्धारित उपभोक्ता या कैप्टिव पंपों से ही लेना होगा।
 
सरकार का कहना है कि यह कदम रियायती या रिटेल कीमतों पर मिलने वाले ईंधन के दुरुपयोग और दूसरी जगह बेचे जाने (डायवर्जन) को रोकने के लिए उठाया गया है। यह आदेश फिलहाल 90 दिनों तक लागू रहेगा, हालांकि सरकार चाहे तो इसे पहले वापस ले सकती है या इसमें बदलाव कर सकती है।
नए नियमों के तहत पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल न बेचें। इसके अलावा, पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल को आगे दोबारा बेचने पर भी रोक लगा दी गई है। इससे बड़ी मात्रा में ईंधन की आवाजाही पर निगरानी और सख्त होगी।
सरकार ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटेल पेट्रोल पंपों पर बिकने वाला ईंधन मुख्य रूप से आम उपभोक्ताओं के उपयोग में आए। वहीं, बड़े संस्थानों और व्यावसायिक ग्राहकों को अपनी जरूरत का ईंधन अधिकृत माध्यमों से खरीदना होगा।
इस प्रतिबंध का असर बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। साथ ही, इससे तेल विपणन कंपनियों जैसे भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मांग और वितरण व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इन कंपनियों की रिटेल ईंधन बिक्री पर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
इस घटनाक्रम के बाद तेल विपणन कंपनियों के शेयरों पर भी निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत को भी मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण आपूर्ति संबंधी दबावों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में देश में ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली में 15 मई के बाद से पेट्रोल की कीमत लगभग 4.75 रुपए प्रति लीटर (करीब 5 प्रतिशत) बढ़ी है, जबकि डीजल की कीमत में 4.82 रुपए प्रति लीटर (लगभग 5.49 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई है। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी बताई जा रही है।
हालिया मूल्य वृद्धि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बाद हुई है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति पर असर पड़ा है। दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। आपूर्ति में बाधा आने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।
जहां अधिकांश देशों ने बढ़ी हुई लागत का बोझ जल्द ही उपभोक्ताओं पर डाल दिया, वहीं भारत ने लंबे समय तक घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर बनाए रखा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज मार्ग में व्यवधान शुरू होने के बाद पहले 76 दिनों तक भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में एकमात्र देश था जिसने ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था। इसके बाद कीमतों में संशोधन शुरू किया गया।
--आईएएनएस
 

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