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सीटीआईएल ने अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी पर डब्ल्यूटीओ के फैसले पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया

Source : business.khaskhabar.com | Apr 20, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 ctil organizes panel discussion on wto ruling regarding international subsidies 807465नई दिल्ली । भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के व्यापार और निवेश विधि केंद्र (सीटीआईएल) ने दक्षिण एशियाई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विधि नेटवर्क (एसएआईएलएन) और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विधि सोसायटी (आईएसआईएल) के समन्‍वय से भारतीय अंतरराष्ट्रीय विधि सोसायटी में इंडोनेशिया से स्टेनलेस स्टील कोल्ड-रोल्ड फ्लैट उत्पादों पर यूरोपीय संघ के प्रतिपूरक और एंटी-डंपिंग शुल्क (डीएस 616) विवाद में अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी पर डब्ल्यूटीओ पैनल के फैसले पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया। यह जानकारी वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से रविवार को दी गई।  
मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि पैनल ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) पैनल के निष्कर्षों का विश्लेषण किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि एससीएम समझौते के अनुच्छेद 1.1(ए)(1) के तहत सरकार द्वारा ‘‘वित्तीय योगदान’’ की परिभाषा एक सीमित सूची है, जिससे सरकार-से-सरकार प्रलोभन इसके दायरे से बाहर हो जाता है। चर्चा में ‘‘सार्वजनिक निकाय’’ का दर्जा निर्धारित करने से संबंधित मुद्दों पर भी विचार किया गया, जिसमें किसी संस्था की विशेषताओं और सरकार के साथ उसके संबंधों के ठोस मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय सब्सिडी को विनियमित करने के लिए इस फैसले के व्यापक निहितार्थों की भी जांच की गई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कानून और विकसित हो रही औद्योगिक नीतियों के बीच संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव शामिल हैं। सत्र में सीमा पार राज्य सहायता तंत्रों की बढ़ती जटिलता और मौजूदा डब्ल्यूटीओ ढांचे के लिए उनके द्वारा उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।
भारतीय अंतरराष्ट्रीय विधि सोसायटी (आईएसआईएल) के अध्यक्ष और धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (डीएनएलयू), जबलपुर के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा (वर्चुअल) ने उद्घाटन भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सीमा पार आर्थिक सहयोग और विकसित हो रही औद्योगिक रणनीतियों के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विनियमन की बढ़ती जटिलता पर जोर दिया।
इस पैनल चर्चा की अध्यक्षता सीटीआईएल के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. जेम्स जे. नेदुमपारा ने की और इसमें एएसएल लीगल के प्रबंध भागीदार शरद भंसाली; डब्ल्यूटीओ अध्ययन केंद्र के सहायक प्रोफेसर मुकेश भटनागर; आर्थिक कानून अभ्यास (ईएलपी) के भागीदार पार्थसारथी झा; और सीटीआईएल के शोध फेलो आशुतोष कश्यप शामिल हुए थे।
रिलीज में बताया गया कि सत्र का समापन अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश कानून अध्ययन केंद्र के निदेशक और धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (डीएनएलयू), जबलपुर में विधि के सहायक प्रोफेसर डॉ. उत्कर्ष के मिश्रा (वर्चुअल) के संबोधन के साथ हुआ।
--आईएएनएस
 

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