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सेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म्स को गिफ्ट सिटी आईएफएससी के उत्पाद पेश करने की अनुमति दी

Source : business.khaskhabar.com | Aug 15, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 sebi allows online bond platforms to offer products from gift city ifsc 836800मुंबई । भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सोबी) ने शुक्रवार को ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (ओबीपीपी) द्वारा पेश किए जा सकने वाले उत्पादों का दायरा बढ़ा दिया। अब ये प्लेटफॉर्म गिफ्ट सिटी में इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (आईएफएससीए) द्वारा विनियमित प्रतिभूतियां और निवेश उत्पाद भी पेश कर सकेंगे। 
इस कदम का उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना और ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध निवेश विकल्पों का विस्तार करना है।
संशोधित नियामकीय ढांचे के तहत, ओबीपीपी अब सेबी, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई), पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) और आईएफएससीए सहित विभिन्न वित्तीय क्षेत्र के नियामकों द्वारा विनियमित उत्पाद और प्रतिभूतियां पेश कर सकेंगे।
सेबी ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54ईसी और आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 85 के तहत जारी कुछ निर्दिष्ट कर-बचत बॉन्ड को भी इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेश करने की मंजूरी दी है।
बाजार नियामक ने कहा कि आईएफएससीए द्वारा विनियमित उत्पादों, प्रतिभूतियों और सेवाओं को गिफ्ट-आईएफएससी में काम करने वाले सेबी-पंजीकृत स्टॉक ब्रोकरों पर लागू ढांचे के अनुसार पेश किया जाना चाहिए।
इन पेशकशों में फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के नियमों का भी पालन करना होगा। इसमें विदेशी निवेश से जुड़े नियम और लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत निर्धारित सीमाएं शामिल हैं।
घरेलू और विदेशी निवेश उत्पादों के बीच भ्रम से बचने के लिए सेबी ने अनिवार्य किया है कि आईएफएससीए द्वारा विनियमित उत्पादों को ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट रूप से अंतरराष्ट्रीय या विदेशी निवेश साधन के रूप में चिह्नित किया जाए।
संशोधित नियमों के तहत विनियमित वित्तीय उत्पादों को ओबीपीपी के बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर एक अलग सेक्शन के माध्यम से या प्रदाता द्वारा संचालित किसी अन्य समर्पित वेबसाइट अथवा प्लेटफॉर्म के जरिए प्रदर्शित किया जा सकेगा।
इन उत्पादों पर संबंधित वित्तीय नियामकों के नियम ही लागू रहेंगे।
इसके अलावा, ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रदाताओं को ऐसे उत्पादों के लिए निवेशकों पर लागू शिकायत निवारण व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी देनी होगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और निवेशक संरक्षण सुनिश्चित करना है।
--आईएएनएस
 

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