businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

घर में बनी शाकाहारी थाली की कीमत में फरवरी में नहीं हुआ बदलाव, मांसाहारी थाली 3 प्रतिशत सस्ती

Source : business.khaskhabar.com | Mar 06, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 the price of a home cooked vegetarian thali remained unchanged in february while the price of a non vegetarian thali fell by 3 percent 796574नई दिल्ली । क्रिसिल इंटेलिजेंस की शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में घर पर पकाई गई शाकाहारी थाली की कीमत में सालाना आधार पर कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि मांसाहारी थाली की कीमत में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। 
रिपोर्ट में बताया गया कि फरवरी में आलू, प्याज और दालों की कीमत में कमी आने के बावजूद भी शाकाहारी थाली की कीमत यथावत रहने की वजह टमाटर की कीमत बढ़ना है। 
अधिक आवक के कारण प्याज की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत की गिरावट आई।
आलू की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि फसल कटाई के चरम पर पहुंच चुकी है और पिछले रबी सीजन के कोल्ड स्टोरेज स्टॉक की बिक्री जारी है।
चालू वित्त वर्ष में अधिक ओपनिंग स्टॉक के कारण दालों की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत की गिरावट आई।
रिपोर्ट में बताया गया कि घर पर थाली बनाने की औसत लागत की गणना उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत में प्रचलित कच्चे माल की कीमतों के आधार पर की जाती है। मासिक बदलाव आम आदमी के खर्च पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाता है।
मांसाहारी थाली की कीमत में गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण ब्रॉयलर की कीमतों में वार्षिक आधार पर अनुमानित 7 प्रतिशत की कमी है। ब्रॉयलर की कीमतें कुल मांसाहारी थाली की लागत का 50 प्रतिशत होती है।
क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पुष्पन शर्मा ने कहा, “टमाटर की कीमतों में उछाल का कारण रोपाई में देरी है, जिससे फसल के विकास और पैदावार पर असर पड़ा। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच मंडियों में फसल की आवक में वार्षिक आधार पर 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।”
निकट भविष्य में सब्जियों की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। टमाटर की कीमतें अप्रैल के मध्य तक पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहने की संभावना है और फिर मौसमी आवक बढ़ने और बाजार में फसल चक्रों के बदलाव के साथ इनमें मजबूती आएगी।
शर्मा ने कहा, "आलू की कीमतें मार्च-अप्रैल के दौरान, यानी आवक के चरम मौसम में, कम रहने की संभावना है, जबकि प्याज की कीमतों पर अगले दो से तीन महीनों में दबाव पड़ सकता है, जब तक कि निर्यात में मजबूत वृद्धि न हो।"
मध्य पूर्व में व्याप्त अनिश्चितताओं और संभावित व्यापारिक बाधाओं के कारण निकट भविष्य में बासमती चावल की मांग में नरमी आ सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
भारत के बासमती चावल निर्यात में ईरान का हिस्सा लगभग 18 प्रतिशत है और अन्य मध्य पूर्वी देशों का 55-60 प्रतिशत हिस्सा है, इसलिए निर्यातक संभावित रसद संबंधी चुनौतियों को लेकर सतर्क हैं।
शर्मा ने कहा, "हालांकि, गैर-बासमती चावल निर्यात, जो मुख्य रूप से अफ्रीकी देशों को जाता है, पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।"
--आईएएनएस
 

[@ जब इस डायरेक्टर ने राखी गुलजार को मारा था थप्पड़]


[@ कमाल के 5 टिप्स साल भर शरीर को हेल्दी बनाएं]


[@ कोमा से बाहर आते ही बोलने लगा दूसरे देश की भाषा]



Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0