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एआई से बने युद्ध वीडियो पर एक्स का सख्त कदम, नियम तोड़ने वालों की कमाई होगी बंद

Source : business.khaskhabar.com | Mar 04, 2026 | businesskhaskhabar.com Gadget News Rss Feeds
 x takes strict action against ai generated war videos breaking the rules will have their earnings stopped 795988नई दिल्ली । अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने घोषणा की है कि अगर कोई क्रिएटर बिना साफ तौर पर जानकारी दिए एआई से बने युद्ध या सशस्त्र संघर्ष के वीडियो पोस्ट करता है, तो उसे रेवेन्यू-शेयरिंग प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया जाएगा। 
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक संकटों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के दौरान एआई से तैयार किए गए वीडियो और तस्वीरों की बाढ़ आ गई है। इन बेहद वास्तविक दिखने वाले विजुअल्स से लोगों को गुमराह होने का खतरा बढ़ जाता है और जमीन पर हो रही असली घटनाओं की समझ प्रभावित हो सकती है।
एक्स के प्रोडक्ट हेड निकिता बियर ने कहा कि जो क्रिएटर्स एआई से बने युद्ध संबंधी वीडियो पोस्ट करेंगे और यह स्पष्ट नहीं करेंगे कि यह कंटेंट एआई से तैयार किया गया है, उन्हें 90 दिनों के लिए प्लेटफॉर्म के क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम से हटा दिया जाएगा।
उन्होंने प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में लिखा, "युद्ध के समय लोगों तक सही और प्रामाणिक जानकारी पहुंचना बेहद जरूरी है। आज की एआई तकनीक से ऐसा कंटेंट बनाना बहुत आसान हो गया है जो लोगों को भ्रमित कर सकता है।"
अगर 90 दिन की सस्पेंशन अवधि के बाद भी कोई क्रिएटर ऐसे भ्रामक एआई वीडियो पोस्ट करता है, तो उसे हमेशा के लिए मोनेटाइजेशन प्रोग्राम से बाहर कर दिया जाएगा।
नया नियम खास तौर पर उन वीडियो पर लागू होगा जो सशस्त्र संघर्ष को दिखाते हैं और जिनमें यह खुलासा नहीं किया गया हो कि वे एआई से तैयार किए गए हैं।
एक्स ने कहा है कि वह भ्रामक एआई कंटेंट की पहचान के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम और कम्युनिटी आधारित सिस्टम, दोनों का इस्तेमाल करेगा।
प्लेटफॉर्म ऐसे टूल्स का उपयोग करेगा जो जेनरेटिव एआई से बने मीडिया को पहचान सकते हैं। इसके साथ ही 'कम्युनिटी नोट्स' फीचर का भी सहारा लिया जाएगा, जिसमें यूजर्स किसी पोस्ट पर अतिरिक्त संदर्भ या फैक्ट-चेक जोड़ सकते हैं अगर उन्हें वह पोस्ट भ्रामक लगती है।
कम्युनिटी नोट्स, कंटेंट मॉडरेशन के मामले में एक्स की रणनीति का अहम हिस्सा है, खासकर तब से जब प्लेटफॉर्म ने ज्यादा विकेंद्रीकृत समीक्षा प्रणाली अपनाई है।
एक्स का क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम योग्य यूजर्स को उनके पोस्ट पर मिलने वाली एंगेजमेंट के आधार पर विज्ञापन से होने वाली कमाई का हिस्सा देता है। इस योजना को प्लेटफॉर्म पर ज्यादा कंटेंट और एक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था।
हालांकि, कई शोधकर्ताओं और यूजर्स ने इस मॉडल की आलोचना की है। उनका कहना है कि एंगेजमेंट के आधार पर भुगतान करने से कुछ क्रिएटर्स सनसनीखेज या विवादित कंटेंट पोस्ट करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं ताकि ज्यादा व्यूज और कमेंट मिल सकें।
कुछ आलोचकों का यह भी मानना है कि पेड सब्सक्रिप्शन जैसी पात्रता शर्तें और अपेक्षाकृत ढीला कंटेंट नियंत्रण, वायरल लेकिन भ्रामक पोस्ट को बढ़ावा दे सकता है।
फिलहाल नया नियम केवल एआई से बने युद्ध संबंधी कंटेंट पर लागू होगा। यह उन अन्य क्षेत्रों को सीधे तौर पर कवर नहीं करता, जहां एआई से बने फोटो और वीडियो का इस्तेमाल राजनीतिक गलत सूचना फैलाने या भ्रामक उत्पादों के प्रचार के लिए किया जाता है।
--आईएएनएस 

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