businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

एग्रीवोल्टेक्स नीतियां लघु एवं सीमांत किसानों की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए: शिवराज सिंह चौहान

Source : business.khaskhabar.com | Oct 22, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 agrivoltaics policies must be aligned with the needs of small and marginal farmers shivraj singh chouhan 855151नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि एग्रीवोल्टेक्स नीतियां भारत के लघु एवं सीमांत किसानों की जरूरतों के अनुरूप बनाई जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि में सौर ऊर्जा को अपनाने से किसान खाद्य और ऊर्जा उत्पादक दोनों बन सकते हैं।
 
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ संयुक्त रूप से उद्घाटन करते हुए चौहान ने यहां तीन दिवसीय एग्रीवोल्टेक्स विश्व सम्मेलन 2026 के उद्घाटन सत्र में कहा कि कृषि और सौर ऊर्जा के एकीकरण से किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ व्यापक आर्थिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों में भी योगदान मिल सकता है।
केंद्रीय मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि एग्रीवोल्टेक्स (खेती जारी रखते हुए फसल भूमि के ऊपर सौर पैनल लगाना) किसानों को अन्नदाता और ऊर्जादाता दोनों बनने में मदद कर सकता है और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा दे सकता है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि चौहान ने ऐसे डिजाइनों का आह्वान किया जो जुताई, फसल परिवर्तन और उचित वर्षा जल निकासी की अनुमति देते हों।
उन्होंने गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की सक्रिय भागीदारी और ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उपकरण संचालन, मरम्मत और रखरखाव में प्रशिक्षण देने का आह्वान किया।
कृषि मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसान खेती के साथ-साथ सौर ऊर्जा को अपनाकर अन्नदाता और ऊर्जादाता दोनों बन सकते हैं। चौहान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कृषि और सौर ऊर्जा का एकीकरण वैश्विक कल्याण को बढ़ावा दे सकता है और किसानों की आर्थिक समृद्धि को बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि बिजली आधुनिक जीवन और कृषि के लिए अपरिहार्य हो गई है, इसलिए ऊर्जा उत्पादन को खेती के साथ एकीकृत करना किसानों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने कहा कि भारत का खाद्यान्न भंडार पर्याप्त है और कृषि क्षेत्र ने 4.5 प्रतिशत की निरंतर वृद्धि दर बनाए रखी है, जिसमें कृषि निर्यात रिकॉर्ड 52.55 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि क्षेत्र के सामने मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया और बताया कि देश में औसत भूमि जोत केवल 0.96 हेक्टेयर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कृषि-वोल्टेइक मॉडल ऐसे होने चाहिए जो किसानों को सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए खेती को प्रतिस्थापित करने के बजाय खेती जारी रखने की अनुमति दें।
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 308.03 गीगावाट तक पहुंच गई है, जो देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता लगभग 560 गीगावाट का 55 प्रतिशत से अधिक है।
महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश मिलकर भारत की अनुमानित एग्रीवोल्टेक्स क्षमता का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
--आईएएनएस
 

[@ अरे वाह...बकरी के बच्चे के साथ योगा:देखें PIX]


[@ गजब! अजगर और मगर के बीच रहता है ये परिवार]


[@ कछुआ से लाए घर में ढेर सारी सुख और समृद्धि]