अमेरिकी ऑटोमोटिव मार्केट को खत्म करना चाहता है चीन, रिपब्लिकन सांसदों ने जताया अंदेशा
Source : business.khaskhabar.com | May 07, 2026 | 

वाशिंगटन । 50 से ज्यादा रिपब्लिकन लॉमेकर्स ने ट्रंप सरकार से अपील की है कि वह चीनी ऑटोमोटिव और बैटरी कंपनियों को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग करने से रोके। उनका कहना है कि इस तरह के कदम से अमेरिकी नौकरियों, सप्लाई चेन और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होगा।
माइक केली और गस बिलिराकिस के नेतृत्व में लिखे एक पत्र में सांसदों ने ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लूटनिक और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से आग्रह किया कि वे किसी भी चीनी कंपनियों के अमेरिका या व्यापक उत्तर अमेरिकी बाजार में वाहन और बैटरी निर्माण सुविधाएं स्थापित करने के प्रयास को अस्वीकार करें।
यह चिट्ठी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के बीच ट्रेड के मुद्दों पर होने वाली मीटिंग से पहले आई है। सांसदों ने लिखा, “दुनियाभर में अपनी ऑटोमोटिव पहुंच बढ़ाने के चीन के लक्ष्यों के बारे में हमें साफ-साफ पता होना चाहिए। चीन का इरादा फेयर कॉम्पिटिशन नहीं है, जैसा कि दूसरे जरूरी सेक्टर में उनके कामों से साफ है।”
सांसदों ने कहा कि यूएस ऑटोमोटिव इंडस्ट्री देश की जीडीपी में 5 फीसदी से ज्यादा का योगदान देती है और लाखों मैन्युफैक्चरिंग नौकरियों को सपोर्ट करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारी सब्सिडी वाली चीनी कंपनियां ग्लोबल ऑटोमोटिव सप्लाई चेन पर कंट्रोल पाने के लिए नॉन-मार्केट टैक्टिक्स का इस्तेमाल कर सकती हैं।
लेटर में कहा गया, “अगर चीनी ऑटोमोटिव कंपनियों को अमेरिका में गाड़ियां और बैटरी बनाने और बेचने की इजाजत दी गई, तो हम अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को खत्म करने, यूएस ऑटो कंपनियों के लिए ग्लोबल मार्केट शेयर कम करने और कंज्यूमर्स और बिजनेस को गंभीर साइबर सुरक्षा और सर्विलांस खतरों के सामने छोड़ने का रिस्क उठा रहे हैं।”
सांसदों ने चीन पर सरकारी सब्सिडी के जरिए प्रोडक्शन को बनावटी रूप से बढ़ाने और कंपनियों को मार्केट से कम कीमत पर गाड़ियां एक्सपोर्ट करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने लिखा, “चीन का मकसद अमेरिकी ऑटोमोटिव मार्केट में मुकाबला करना नहीं है, बल्कि इसे खोखला करना है और आखिर में कस्टमर की पसंद को चीनी ब्रांड तक सीमित करना है।”
चिट्ठी में डेटा सुरक्षा और कनेक्टेड व्हीकल टेक्नोलॉजी को लेकर भी चिंता जताई गई। सांसदों के मुताबिक, चीन में बनी गाड़ियां अमेरिकी नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर से सेंसिटिव जानकारी इकट्ठा और भेज सकती हैं।
सांसदों ने कहा, “इसके अलावा, आज की गाड़ियों में मौजूद तकनीक रिमोट एक्सेस की इजाजत दे सकती है और शायद चीनी एक्टर्स को अमेरिकी सड़कों पर चलने वाली इन गाड़ियों का कंट्रोल दे सकती है।”
ग्रुप ने एडमिनिस्ट्रेशन से मौजूदा पाबंदियों को बनाए रखने की अपील की, जिसमें कॉमर्स डिपार्टमेंट का कनेक्टेड व्हीकल रूल और चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर सेक्शन 301 टैरिफ शामिल हैं।
सांसदों ने इस मुद्दे को यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (यूएसएमसीए) के आने वाले समीक्षा से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि चीनी सरकारी कंपनियां अमेरिका के आर्थिक सुरक्षा उपायों को बायपास करने के लिए उत्तरी अमेरिकी व्यापार फ्रेमवर्क का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं।
चिट्ठी में कहा गया, "एक औपचारिक विदेशी निवेश स्क्रीनिंग सिस्टम बनाने से इस बैकडोर को बंद करने, एग्रीमेंट की इंटीग्रिटी की रक्षा करने और यूएस मैन्युफैक्चरिंग बेस को और नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।"
इस चिट्ठी पर 50 से ज्यादा हाउस रिपब्लिकन ने साइन किए थे, जिनमें मिशिगन, ओहायो, पेन्सिलवेनिया, टेक्सास और फ्लोरिडा के लॉमेकर शामिल थे। ये ऐसे राज्य हैं जिनकी ऑटोमोटिव या मैन्युफैक्चरिंग में मजबूत दिलचस्पी है।
चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वालों ने हाल के वर्षों में तेजी से एक्सपोर्ट बढ़ाया है, जिसे बड़े पैमाने पर सरकारी सब्सिडी और विदेशों में जबरदस्त निवेश से समर्थन मिला है। चीनी ईवी कंपनियों के बढ़ने से अमेरिका और यूरोप में व्यापार और सुरक्षा पर बहस शुरू हो गई है, जहां सरकारें बैटरी, सेमीकंडक्टर और कनेक्टेड गाड़ी टेक्नोलॉजी से जुड़ी सप्लाई चेन की तेजी से जांच कर रही हैं।
--आईएएनएस
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