businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

कमोडिटी बाजार विकसित भारत की यात्रा में निभाएगा अहम भूमिका, निवेश और जोखिम प्रबंधन की समझ बढ़ाना जरूरी: एमसीएक्स सीईओ

Source : business.khaskhabar.com | July 31, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 commodity market to play a pivotal role in the journey towards a developed india enhancing understanding of investment and risk management is crucial mcx ceo 832829मुंबई । ग्लोबल कमोडिटी कॉन्क्लेव 2026 के दौरान एमसीएक्स की प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रवीणा राय ने गुरुवार को कहा कि भारत का कमोडिटी बाजार लगातार विस्तार कर रहा है और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में इसकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां और नियामक संस्थाओं का फोकस कमोडिटी बाजार को अधिक मजबूत, सुरक्षित और जोखिम प्रबंधन के लिहाज से सक्षम बनाने पर है। इसी उद्देश्य से इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है, ताकि कमोडिटी बाजार से जुड़े सभी हितधारकों को एक मंच पर लाया जा सके। 
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए प्रवीणा राय ने कहा कि इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य फिजिकल और फाइनेंशियल कमोडिटी बाजार के प्रतिभागियों को एक साथ लाना है। उन्होंने कहा कि कमोडिटी बाजार की जानकारी तो लोगों के पास है, लेकिन इसका प्रभावी उपयोग कैसे किया जाए, इस बारे में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। विशेष रूप से उद्योगों और संस्थागत निवेशकों को यह समझाना जरूरी है कि कमोडिटी डेरिवेटिव्स के जरिए वे कीमतों में उतार-चढ़ाव से कैसे बच सकते हैं और संकट के समय बेहतर जोखिम प्रबंधन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में दुनिया के प्रमुख एक्सचेंजों के प्रतिनिधि, अर्थशास्त्री, विश्लेषक, भारतीय एक्सचेंज, ब्रोकर, नियामक, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल होंगे। इससे भारत को वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को समझने और उन्हें भारतीय कमोडिटी बाजार में लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस संवाद से केवल चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
प्रवीणा राय ने बताया कि कॉन्क्लेव के तीसरे दिन आधे दिन का विशेष सत्र केवल रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है। इसमें नए निवेशकों को कमोडिटी डेरिवेटिव्स में निवेश की शुरुआत करने, सोना-चांदी, धातु और ऊर्जा जैसे कमोडिटी बाजार के रुझानों को समझने तथा वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं और भारतीय आर्थिक परिस्थितियों का बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करना सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सत्र निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
वही, सीपीएआई के वैकल्पिक अध्यक्ष अजय गर्ग ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य वैश्विक कमोडिटी बाजार में प्राइस सेटर बनने का है और देश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी से पहले देश में करीब 4 करोड़ डीमैट खाते थे, जो अब बढ़कर 23 करोड़ से अधिक हो चुके हैं। यह भारत में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का संकेत है।
अजय गर्ग ने आगे कहा कि वैश्विक स्तर पर कमोडिटी बाजार का आकार इक्विटी बाजार से भी बड़ा है, जबकि भारत में यह अभी इक्विटी बाजार का लगभग दसवां हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत खाद्यान्न का बड़ा आयातक है और सोना-चांदी जैसी कई महत्वपूर्ण कमोडिटीज का भी बड़े पैमाने पर आयात करता है। ऐसे में भारत के पास वैश्विक कमोडिटी बाजार में बड़ी भूमिका निभाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि कमोडिटी बाजार के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है, बल्कि अभी इसकी पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता है। जैसे पिछले कुछ वर्षों में इक्विटी बाजार में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है, उसी तरह कमोडिटी बाजार में भी नए उत्पादों और बढ़ती जागरूकता के कारण भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
अजय गर्ग ने विश्वास जताया कि अगले तीन से पांच वर्षों में भारत का कमोडिटी बाजार पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्रिय और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, नए उत्पादों की उपलब्धता और जागरूकता अभियान भारत को वैश्विक कमोडिटी बाजार में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनाने में मदद करेंगे।
--आईएएनएस
 

[@ यह बच्चा धीरे धीरे बनता जा रहा है पत्थर!]


[@ कछुआ से लाए घर में ढेर सारी सुख और समृद्धि]


[@ एक बार फिर तैयार है टाइटैनिक, जानिए कैसे]