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बांग्लादेश में गैस संकट गहराया, फैक्ट्रियां बंद होने लगीं; हजारों श्रमिकों पर असर

Source : business.khaskhabar.com | Aug 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 gas crisis deepens in bangladesh factories begin to shut down affecting thousands of workers 838892बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

बांग्लादेश में 21 जुलाई से शुरू हुआ गैस संकट अब देश के औद्योगिक क्षेत्रों पर गंभीर असर डाल रहा है। गैस की भारी कमी के चलते कई फैक्ट्रियों ने उत्पादन घटा दिया है, कुछ इकाइयों को बंद कर दिया गया है और हजारों श्रमिकों को छुट्टी पर भेजा जा रहा है। यह जानकारी बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट में दी गई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सेलरेट एनर्जी के एलएनजी टर्मिनल में गैस भंडार खत्म होने के बाद बुधवार को उसके बंद होने से संकट और गहरा गया। राष्ट्रीय ग्रिड में उपलब्ध अधिकांश गैस बिजली संयंत्रों को दी जा रही है, जिससे गैस पर निर्भर उद्योगों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इस संकट का सबसे ज्यादा असर वस्त्र, रेडीमेड गारमेंट, इस्पात, कांच, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य गैस आधारित उद्योगों पर पड़ा है। 

गैस से चलने वाले बॉयलर और कैप्टिव पावर प्लांट संचालित करने वाली फैक्ट्रियों को अब महंगे ईंधन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। नरसिंदी जिले में गैस का दबाव लगभग शून्य होने के कारण पिछले दो दिनों में 100 से अधिक टेक्सटाइल फैक्ट्रियों में उत्पादन बंद हो गया है। 

उद्योगपतियों के अनुसार सामान्य 15 पीएसआई का गैस दबाव पहले घटकर 2-4 पीएसआई रह गया था और अब लगभग शून्य हो चुका है। नरसिंदी देश के करीब 70 प्रतिशत कपड़ों की आपूर्ति करता है। गाजीपुर, नारायणगंज और सावर के गारमेंट उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हैं। उत्पादन जारी रखने के लिए कई फैक्ट्रियां कर्मचारियों को अलग-अलग शिफ्ट में काम करा रही हैं, जिससे 20-25 प्रतिशत तक उत्पादन घट गया है। गैस से चलने वाले जनरेटर अब फ्यूल ऑयल से चलाए जा रहे हैं, जिससे परिचालन लागत लगभग पांच गुना बढ़ गई है। 

मयमनसिंह के भालुका औद्योगिक क्षेत्र में 20 फैक्ट्रियों के कर्मचारियों को आंशिक रूप से छुट्टी पर भेजा गया है। यहां की 293 फैक्ट्रियों में से 99 गैस पर निर्भर हैं और लगभग सभी गैस संकट से जूझ रही हैं। टिटास गैस के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार इलाके की गैस लाइनों का दबाव 140 और 50 पीएसआई से घटकर 30-50 पीएसआई रह गया है। 

गैस संकट के कारण फैक्ट्रियों को उत्पादन कम होने या बंद रहने के बावजूद कर्मचारियों का वेतन देना पड़ रहा है। साथ ही निर्यात आपूर्ति में देरी से समय पर शिपमेंट प्रभावित होने और महंगे हवाई माल ढुलाई का जोखिम बढ़ गया है। 

बांग्लादेश निटवेयर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मोर्शेद सरवर सोहेल ने कहा कि यह संकट केवल फैक्ट्री मालिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों और देश की अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर डाल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चट्टोग्राम एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन, कर्णफुली ईपीजेड, बायेजिद और कालुरघाट औद्योगिक क्षेत्रों की फैक्ट्रियां भी बेहद कम गैस दबाव के कारण अपनी क्षमता से काफी कम उत्पादन कर रही हैं। -आईएएनएस

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