गोदरेज कैपिटल ने 'अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस' के साथ राजस्थान में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार किया; वित्त वर्ष 2027 तक ₹100 करोड़ के AUM का लक्ष्य
Source : business.khaskhabar.com | Mar 13, 2026 | 
जयपुर। गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ग्रुप की वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनी गोदरेज कैपिटल ने अपनी सहायक कंपनी गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस के माध्यम से राजस्थान में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है। विस्तार की इस प्रक्रिया के दौरान कंपनी ने किफायती हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है। अपनी क्षेत्रीय विकास रणनीति के तहत, कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक राजस्थान में ₹100 करोड़ का हाउसिंग फाइनेंस एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) तैयार करना है। इसके साथ ही राज्य के उभरते हुए हाउसिंग बाजारों में कंपनी की उपस्थिति को और मजबूत किया जाएगा।
इस विस्तार के तहत कंपनी जयपुर में दो कार्यालय स्थापित करेगी, जिससे राजस्थान के किफायती हाउसिंग फाइनेंस बाजार में उसका प्रवेश होगा। इसके बाद कंपनी जोधपुर, सीकर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में भी विस्तार करेगी। अगले दो वर्षों में कंपनी राजस्थान में अपनी मौजूदगी बढ़ाकर कुल 10 शाखाओं तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।
यह विस्तार कंपनी के 'डिजिटल-फर्स्ट' दृष्टिकोण (यानी तकनीक का अधिक उपयोग) पर आधारित होगा, जिससे होम लोन की मंजूरी आसान और तेज़ हो जाएगी। इन स्थानों का चयन तेजी से विकसित हो रहे शहरी और अर्ध-शहरी बाजारों में घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रणनीतिक रूप से किया गया है।
किफायती आवास की बढ़ती मांग - टियर 2 और टियर 3 शहरों में होम लोन की बढ़ती मांग के बीच यह शुरुआत की गई है। राजस्थान में बढ़ते शहरीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और सरकारी प्रोत्साहनों के कारण लोग अपना घर खरीदने के लिए उत्साहित हैं। जोधपुर, सीकर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में किफायती और मध्यम आय वाले घरों की मांग विशेष रूप से अधिक है, जिसे पहली बार घर खरीदने वाले लोग, स्वरोजगार करने वाले पेशेवर और छोटे व्यवसायी बढ़ावा दे रहे हैं।
गोदरेज कैपिटल के एमडी और सीईओ मनीष शाह ने कंपनी की विस्तार की रणनीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “राजस्थान हमारे लिए एक मजबूत विकास अवसर प्रस्तुत करता है। जयपुर, जोधपुर, सीकर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में तेजी से शहरीकरण हो रहा है, बुनियादी ढांचा बेहतर हो रहा है और घर खरीदने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। इसके बावजूद इन बाजारों में मध्यम आय वर्ग के अनेक परिवारों के लिए औपचारिक हाउसिंग फाइनेंस तक पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है। हमारे किफायती हाउसिंग फाइनेंस ऑफर के माध्यम से हमारा लक्ष्य इस अंतर को कम करना है। हम लोगों को सुलभ, पारदर्शी और ग्राहक-केंद्रित लोन समाधान उपलब्ध कराकर उन्हें अपने घर के सपने को साकार करने में मदद करना चाहते हैं। इन शहरों में हमारी मौजूदगी राज्य में हमारी पकड़ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और जैसे-जैसे पूरे राज्य में मांग बढ़ेगी, हम आगे भी विस्तार करने के लिए उत्सुक हैं।”
राजस्थान इस कंपनी के लिए एक ऐसे बाजार के रूप में उभरा है जहाँ बहुत तेजी से तरक्की हो रही है। राज्य में कंपनी ने जो कुल पैसा कर्ज (लोन) के रूप में दिया है, वह अब लगभग ₹500 करोड़ तक पहुँच गया है। अगर पिछले साल से तुलना करें, तो इसमें 85% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी की इस कामयाबी के पीछे मुख्य कारण व्यापारियों और बिजनेस चलाने वालों को दिए गए लोन हैं। इसमें 'सिक्योर्ड लोन' (जिसमें कुछ गिरवी रखा जाता है) और 'अनसिक्योर्ड लोन' (जो बिना कुछ गिरवी रखे दिया जाता है) दोनों शामिल हैं।
अभी यह कंपनी राजस्थान के मुख्य शहरों जैसे जयपुर, जोधपुर, अलवर, कोटा और उदयपुर में अपना काम कर रही है। इन शहरों में कंपनी की मदद के लिए लगभग 700 बिजनेस पार्टनर्स (एजेंट या सहयोगी) का एक बड़ा नेटवर्क जुड़ा हुआ है। इन सभी शहरों में से जयपुर का हिस्सा सबसे बड़ा है, यानी सबसे ज्यादा काम जयपुर से हो रहा है।
अपनी इसी रफ्तार को बरकरार रखते हुए, कंपनी ने अब एक बड़ा लक्ष्य रखा है। कंपनी चाहती है कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) तक राजस्थान में उसके दोनों तरह के बिजनेस (हाउसिंग लोन और बिजनेस लोन) को मिलाकर कुल दिया गया कर्ज ₹1,000 करोड़ के पार पहुँच जाए।
किफायती हाउसिंग फाइनेंस के विस्तार के साथ-साथ राजस्थान में MSME गतिविधियाँ भी काफी सक्रिय बनी हुई हैं। राज्य में टेक्सटाइल, हस्तशिल्प, मैन्युफैक्चरिंग, सिरेमिक, पर्यटन से जुड़े व्यवसाय और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वित्तीय सहायता की मांग बढ़ रही है। जोधपुर, उदयपुर और जयपुर जैसे शहरों में ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर्स और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों द्वारा वर्किंग कैपिटल और विस्तार के लिए फाइनेंस की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे राज्य में बिजनेस ग्रोथ को सक्षम बनाने और घर के मालिकाना हक को बढ़ाने पर कंपनी का दोहरा फोकस और मजबूत होता है।
कुल मिलाकर, कंपनी पूरे भारत में ₹25,000 करोड़ से अधिक का AUM प्रबंधित करती है और 16,600 से अधिक चैनल पार्टनर्स के नेटवर्क के माध्यम से 45,500 से अधिक ग्राहकों को सेवाएँ प्रदान करती है। राजस्थान कंपनी की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
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