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सीएनजी गाड़ियों में ब्लास्ट होने से कैसे बचें, टेस्टिंग से फिटिंग तक जानें सभी बातें

Source : business.khaskhabar.com | Aug 20, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
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ऑटो डेस्क। नई दिल्ली 

सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इनकी सुरक्षा भी जरूरी हो गई है। खासकर कैंटर और ट्रकों में लगे सीएनजी सिलिंडरों की सही टेस्टिंग, फिटिंग और रखरखाव में लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इतना ही नहीं, सीएनजी पंप पर गैस भरवाते समय की गई छोटी-सी गलती भी जोखिम बढ़ा सकती है। 

ऐसे में जानते हैं कि सीएनजी वाहन और पंप पर किन बातों का ध्यान रखकर हादसों से बचा जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सीएनजी पंप पर रिफिलिंग कराते समय चालकों और यात्रियों को कुछ बेहद जरूरी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। जिनके बारे में नीचे बताया गया है। 

इंजन पूरी तरह बंद रखें: 
सीएनजी भरवाते समय वाहन का इंजन चालू न रखें, इसे तुरंत बंद कर दें। वाहन से दूरी बनाएं: गैस भरवाते समय वाहन के अंदर बैठने के बजाय उससे कम से कम तीन से चार मीटर दूर खड़े हों। 

मोबाइल और सिगरेट का प्रयोग न करें: 
रिफिलिंग के दौरान कभी भी भूल से भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और ना ही सिगरेट या माचिस जलाने की गलती करें। क्योंकि एक छोटी सी स्पार्क भी आग पकड़ सकती है। 

नोजल लॉकिंग की जांच करें: 

साथ ही यह सुनिश्चित करें कि अटेंडेंट ने रिफिलिंग नोजल को सही और ठीक से लॉक किया है। 

सिलिंडर की टेस्टिंग में लापरवाही पड़ सकती है भारीः 

सीएनजी सिलिंडर की निर्धारित वैधता लगभग 15 से 20 वर्ष तक होती है। साथ ही हर तीन से पांच साल में इसका हाइड्रो टेस्ट भी जरूरी होता है। इसके बावजूद कई ट्रांसपोर्टर खर्च बचाने के लिए समय पर सिलिंडर की टेस्टिंग नहीं कराते। जो एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। जंग लगे, दरार वाले या टेस्ट में फेल सिलिंडर करीब 200-220 बार के दबाव को सहन नहीं कर पाते। ऐसे सिलिंडरों में गैस रिसाव या फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए सिलिंडर की टेस्टिंग की तारीख पर नजर रखना बेहद जरूरी है। 

जुगाड़ से ज्यादा सिलिंडर लगाना भी खतरनाकः 

इतना ही सीएनजी वाहनों में दूसरी बड़ी समस्या सिलिंडर की गलत फिटिंग और जुगाड़ से अतिरिक्त सिलिंडर लगाना है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कई बार ऐसी बातें सामने आई हैं, कि कुछ कंपनियों ने कम सिलिंडर लगाने की अनुमति लेकर वाहनों में आठ तक सिलिंडर लगवा ली हैं। 

स्थानीय मैकेनिक से कराई गई वेल्डिंग, गैर-अधिकृत वाल्व और ढीले पाइप भी खतरा बढ़ा सकते हैं। ऐसी फिटिंग से गैस रिसाव की आशंका कई गुना बढ़ सकती है। इसलिए वाहन में केवल स्वीकृत संख्या में सिलिंडर और अधिकृत किट व उपकरणों का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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