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कमजोर तिमाही नतीजों का असर! स्विगी के शेयर 17 प्रतिशत फिसलकर 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचे

Source : business.khaskhabar.com | Oct 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 impact of weak quarterly results! swiggy shares slide 17 to hit a 52 week low 855527नई दिल्ली । स्विगी के शेयरों में शुक्रवार को 17 प्रतिशत की गिरावट आई और ये 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर पहुंच गए। इसकी वजह कंपनी की ओर से सितंबर तिमाही में खराब नतीजे पेश करना है।  
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी ने 922 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया था। 
दोपहर 2 बजे स्विगी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 12.94 प्रतिशत गिरकर 183.75 रुपए पर थे। अब तक के कारोबार में शेयर ने 206 रुपए प्रति शेयर का इंट्राडे हाई और 174.95 रुपए प्रति शेयर का इंट्राडे लो बनाया है। 
शेयर में तेज बिकवाली, कंपनी के मुख्य फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स व्यवसायों के उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर निवेशकों की चिंता को दर्शाती है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में स्विगी ने 922 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा दर्ज किया। यह एक साल पहले के 1,092 करोड़ रुपए के नुकसान से 15.6 प्रतिशत कम है, लेकिन जून तिमाही के 791 करोड़ रुपए के नुकसान की तुलना में इसमें बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में कंपनी की परिचालन से आय सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढ़कर 7,571 करोड़ रुपए हो गई है।
हालांकि, कंपनी का एडजस्टेड एबिटडा घाटा एक साल पहले के 695 करोड़ रुपए से बढ़कर 760 करोड़ रुपए हो गया, जो अनुमानों से कहीं अधिक है।
कंपनी के कारोबार में मुख्य चिंता का विषय इसका क्विक-कॉमर्स बिजनेस, 'इंस्टामार्ट' था। इसका एडजस्टेड एबिटडा घाटा, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के 778 करोड़ रुपए और एक साल पहले के 849 करोड़ रुपए से बढ़कर 895 करोड़ रुपए हो गया।
इस क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (जीओवी) सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 9,230 करोड़ रुपए हो गई और नेट ऑर्डर वैल्यू (एनओवी) में तिमाही आधार पर 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन, कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन -0.3 प्रतिशत से गिरकर -1.4 प्रतिशत हो गया, क्योंकि यह ग्रोथ ग्राहकों को दिए गए इंसेंटिव और अधिक फिक्स्ड कॉस्ट की वजह से आई थी।
इसके अलावा, प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों के एनालिस्ट्स ने अपने टारगेट कम कर दिए हैं।
स्विगी के लिए गोल्डमैन सैश, एचएसबीसी, सीएलएसए, बर्नस्टीन, जेपी मॉर्गन और सिटी जैसी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों के एनालिस्ट्स ने अपने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।
जेफरीज के अनुसार, इंस्टामार्ट का घाटा एक बड़ी समस्या बना हुआ है और मौजूदा कीमत में तो फूड डिलीवरी बिजनेस और कंपनी के पास मौजूद कैश की वैल्यू भी शामिल नहीं दिखती है।
--आईएएनएस
 

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