businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: ड्राइवरलेस ट्रैक्टर से हेल्थकेयर तक एआई की नई क्रांति, विदेशी विशेषज्ञों ने की भारत की सराहना

Source : business.khaskhabar.com | Feb 20, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india ai impact summit 2026 from driverless tractors to healthcare foreign experts praise india 793299नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में दुनिया भर से आए विशेषज्ञों और लीडर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नए प्रयोगों और इसके भविष्य पर अपने विचार साझा किए। 
समिट में स्विस परिसंघ (स्विट्जरलैंड) के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि एआई केवल तेज गति या नई तकनीक नहीं है, बल्कि यह समाज में बड़े बदलाव की क्षमता रखता है।
इस दौरान, एग्रीनकल्चर के सीईओ क्रिस्टोफ ओबे ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि उनकी कंपनी ने एआई की मदद से सेल्फ-ड्राइविंग यानी ड्राइवरलेस ट्रैक्टर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रैक्टर पूरी तरह एआई-आधारित है और इसमें सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर में चार कैमरे लगे हैं, जो सामने आने वाली बाधाओं, लोगों और फसलों से जुड़ी जानकारी को पहचान सकते हैं। ये कैमरे खाद की जरूरत, फसल में बीमारी और अन्य जरूरी कृषि सूचनाएं भी किसानों तक पहुंचाते हैं। पीछे लगा कैमरा यह भी देखता है कि ट्रैक्टर का उपकरण सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। इससे किसान दूर से ही ट्रैक्टर की निगरानी कर सकते हैं और खेती को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
क्रिस्टोफ ओबे ने बताया कि उनकी कंपनी भारत के साथ कई तरह के सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में 'ट्रैक्टर्स सेवा' नामक पार्टनर के साथ मिलकर इस तकनीक को पहले महाराष्ट्र, फिर पंजाब और कर्नाटक में लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि भारत में एआई आधारित कृषि समाधान की बड़ी संभावनाएं हैं।
वहीं, ओरिओल नेटवर्क्स के को-फाउंडर और सीईओ जेम्स रेगन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि उनकी कंपनी ने बड़ी संख्या में जीपीयू को लाइट के जरिए जोड़ने की नई तकनीक विकसित की है। इससे कंप्यूटिंग की रफ्तार बढ़ेगी और बिजली की खपत कम होगी। उन्होंने भारत में एआई को लेकर उत्साह और ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि भारत अपनी तकनीकी क्षमता से वैश्विक एआई क्षेत्र में बड़ा योगदान दे सकता है।
इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में डेटा, डिजिटल स्वास्थ्य, एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के निदेशक एलेन लैब्रिक ने कहा कि एआई स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में गेम चेंजर साबित हो सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई स्वास्थ्य कर्मियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनकी मदद करेगा। कई लोगों को डर है कि एआई डॉक्टरों या फार्मासिस्ट की जगह ले लेगा, लेकिन डब्ल्यूएचओ का मानना है कि एआई 'ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस' है, यानी यह अतिरिक्त मदद के रूप में काम करेगा। उदाहरण के तौर पर, एआई सिस्टम एक्स-रे या एमआरआई में किसी असामान्यता को जल्दी पहचान सकता है और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने में सहायता कर सकता है। इससे डॉक्टर अधिक प्रभावी ढंग से इलाज कर पाएंगे।
वहीं, साइप्रस गणराज्य के मुख्य वैज्ञानिक डेमेट्रिस स्कोराइड्स ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि यह समिट न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
 

[@ अभिनेत्री की सेल्फी में दिखा भूत!]


[@ पति ने संबंध बनाने से किया इंकार तो पत्नी ये क्या कर बैठी...]


[@ बिना मेकअप चूहे जैसी दिखती है यह अभिनेत्री]