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ग्वालियर में बनेगा भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन; 3,500 करोड़ रुपए का होगा निवेश और मिलेंगे 14,000 से ज्यादा रोजगार 

Source : business.khaskhabar.com | July 31, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india first telecom manufacturing zone to be set up in gwalior ₹3500 crore investment and over 14000 jobs expected 832830नई दिल्ली/ग्वालियर । भारत को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए केंद्रीय संचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के बीच नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। 
इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। सिंधिया ने इसे मध्य प्रदेश और देश दोनों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और 'विकसित भारत 2047' के विजन को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है और यह परियोजना राज्य की विकासोन्मुखी सोच का प्रमाण है।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारत को केवल टेलीकॉम सेवाएं देने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम उपकरण बनाने वाला प्रमुख राष्ट्र बनना होगा। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर में करीब 350 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में केंद्र सरकार ने आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। यह परिसर मोबाइल फोन, नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, 5जी और 6जी जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों के रिसर्च, डिजाइन, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग का एकीकृत केंद्र होगा। इससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
सिंधिया ने आगे कहा कि इस परियोजना के माध्यम से मध्य प्रदेश में करीब 3,500 करोड़ रुपए का निवेश आने की संभावना है, जिससे 14,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एचएफसीएल (एचएफसीएल) और तेजस नेटवर्क्स जैसी प्रमुख कंपनियां इस परियोजना में निवेश करेंगी।
उन्होंने कहा कि इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के युवाओं को अपने ही प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर मिलेंगे और यह इलाका हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग तथा इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यह व्यवस्था निवेश, परियोजना के संचालन और दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा उपलब्ध कराएगी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने इसे सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को साकार कर रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत को अब दुनिया पर निर्भर रहने वाला देश नहीं, बल्कि ऐसा राष्ट्र बनना चाहिए, जिस पर दुनिया निर्भर हो। उनके अनुसार, यह परियोजना मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में स्थापित करेगी और भारत को वैश्विक टेलीकॉम उत्पादन क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 

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