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वाहन विनिर्माताओं के विस्तार से ऑटो सेक्टर में औद्योगिक लीजिंग 54 लाख वर्ग फुट पर पहुंची : रिपोर्ट

Source : business.khaskhabar.com | Nov 04, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
 industrial leasing in auto sector reaches 54 million square feet driven by vehicle manufacturers expansion report 858751नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल और इससे जुड़े सहायक उद्योगों ने 2024 से 2026 की पहली छमाही के दौरान लगभग 54 लाख वर्ग फुट औद्योगिक क्षेत्र लीज पर लिया। यह इस अवधि में देश की कुल निर्मित औद्योगिक जगह की मांग का करीब 13 प्रतिशत है। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। 

सीबीआरई की रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक जगह की मांग में घरेलू कंपनियों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रही। कुल मांग में उनका योगदान 57 प्रतिशत रहा, जबकि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की कंपनियों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत और यूरोप, मध्य पूर्व एवं अफ्रीका की कंपनियों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत रही।

शहरों के लिहाज से पुणे ऑटोमोबाइल क्षेत्र में औद्योगिक लीजिंग का सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा। कुल लीजिंग में पुणे की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर 25 प्रतिशत और चेन्नई 20 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटोमोबाइल कंपनियां अब बड़ी और आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही हैं।

सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि भारत का ऑटोमोबाइल विनिर्माण आधार लगातार विविधतापूर्ण हो रहा है। घरेलू मांग उद्योग को बड़े पैमाने पर उत्पादन का आधार दे रही है, जबकि निर्यात में मजबूती, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और उन्नत ऑटोमोबाइल कलपुर्जों का बढ़ता उत्पादन इस क्षेत्र का विस्तार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वाहन निर्माता बड़ी और तकनीकी रूप से उन्नत विनिर्माण इकाइयों की योजना बना रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता औद्योगिक भूमि, भरोसेमंद बुनियादी ढांचे एवं उपयोगिताओं, कुशल कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में 1 लाख से 2 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल वाली औद्योगिक इकाइयों की लीजिंग कुल मांग का 46 प्रतिशत रही। वहीं, 2 लाख वर्ग फुट से बड़ी इकाइयों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत रही।

इस तरह, बड़ी औद्योगिक इकाइयों की हिस्सेदारी ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कुल औद्योगिक लीजिंग में 84 प्रतिशत रही।

इसके अलावा, रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का वाहन उत्पादन 3.5 करोड़ इकाइयों तक पहुंच गया, जबकि ऑटोमोबाइल निर्यात सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत बढ़कर करीब 26 अरब डॉलर हो गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह क्षेत्र फिलहाल भारत के विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब आधे का योगदान देता है।

सीबीआरई के अनुसार, घरेलू मांग में मजबूती, निर्यात में बढ़ोतरी, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण और उन्नत कलपुर्जों के बढ़ते उत्पादन से भारत का ऑटोमोबाइल विनिर्माण आधार व्यापक हो रहा है। इसका असर नई विनिर्माण इकाइयों के लिए स्थानों के चयन पर भी पड़ रहा है।

वेयरहाउसिंग के मोर्चे पर, ऑटोमोबाइल और सहायक उद्योगों ने 2021 से 2026 की पहली छमाही के दौरान लगभग 1.24 करोड़ वर्ग फुट जगह लीज पर ली।

वेयरहाउस लीजिंग के मामले में चेन्नई 29 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर 22 प्रतिशत और बेंगलुरु 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ रहे।

इस दौरान टायर निर्माता कंपनियों, यात्री वाहन निर्माताओं और ऑटोमोबाइल कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों ने मिलकर वेयरहाउस की कुल मांग में दो-तिहाई से अधिक योगदान दिया।

--आईएएनएस

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