पीएआईएमएएनए के माध्यम से बुनियादी विकास की निगरानी को मजबूत किया गया: सरकार
Source : business.khaskhabar.com | Apr 25, 2026 | 

नई दिल्ली । सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने प्रोजेक्ट असेसमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग एंड एनालिटिक्स फॉर नेशन बिल्डिंग (पीएआईएमएएनए) प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर बुनियादी विकास की निगरानी को मजबूत किया है, जो वर्तमान में मार्च तक 41.50 लाख करोड़ रुपए की 1,941 केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं पर नजर रख रहा है।
सरकार ने कहा कि डिजिटल निगरानी प्रणाली पारदर्शिता बढ़ा रही है, समय पर समीक्षा को सक्षम बना रही है और मंत्रालयों में डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता कर रही है।
नवीनतम जानकारी के अनुसार, 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में फैली इन परियोजनाओं पर कुल 19.93 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो कुल संशोधित लागत का लगभग 48.02 प्रतिशत है।
यह परियोजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतर प्रगति को दर्शाता है, जिसमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं पूर्णता की ओर अग्रसर हैं।
निगरानी में रखी गई परियोजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहले से ही उन्नत चरणों में है। लगभग 777 परियोजनाएं, यानी लगभग 40 प्रतिशत, 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर चुकी हैं, जबकि 261 परियोजनाएं वित्तीय पूर्णता के मामले में 80 प्रतिशत का आंकड़ा पार कर चुकी हैं।
भारत के अवसंरचना परिदृश्य में परिवहन और रसद क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है, जिसमें 1,428 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संशोधित लागत 22.66 लाख करोड़ रुपए है।
यह सड़कों, रेलवे, विमानन और जलमार्गों सहित कनेक्टिविटी-आधारित विकास पर सरकार के निरंतर जोर को रेखांकित करता है।
मंत्रालयों में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 1,120 परियोजनाओं के साथ सबसे आगे है, जिनकी कुल लागत 10.61 लाख करोड़ रुपए है।
रेल मंत्रालय 244 परियोजनाओं के साथ दूसरे स्थान पर है और इसकी लागत में सबसे बड़ा हिस्सा 8.37 लाख करोड़ रुपए का है।
अन्य प्रमुख योगदानकर्ताओं में कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बिजली और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय शामिल हैं।
परियोजनाओं के पैमाने की बात करें तो निगरानी में शामिल पोर्टफोलियो में 786 मेगा परियोजनाएं हैं, जिनमें से प्रत्येक की लागत 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक है, जिनकी कुल मूल लागत 30.48 लाख करोड़ रुपए है।
इसके अतिरिक्त, 1,155 प्रमुख परियोजनाएं जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपए से कम है, कुल परियोजनाओं की सूची में 5.41 लाख करोड़ रुपये का योगदान देती हैं।
--आईएएनएस
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