businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 366 अंक टूटा; निफ्टी में 0.54 प्रतिशत की गिरावट 

Source : business.khaskhabar.com | Oct 22, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 market opens in the red amid weak global cues sensex drops 366 points nifty falls 054 percent 855144मुंबई । एशियाई बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गुरुवार को गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। 
इस दौरान, सेंसेक्स 366.36 अंक यानी 0.50 प्रतिशत टूटकर 73,343.33 पर खुला, तो वहीं निफ्टी 50 ने 123.60 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.75 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 73,005.11 का निम्नतम स्तर टच किया, जबकि निफ्टी 50 एक समय 22,554.85 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया था।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 1.04 प्रतिशत और 0.91 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो अधिकांश सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। शुरुआती कारोबार में ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक में 0.98 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी फार्मा भी 0.78 प्रतिशत कमजोर रहा।
एफएमसीजी, रियल्टी, सीमेंट और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भी व्यापक कमजोरी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों की तुलना में लार्ज-कैप शेयरों का बेहतर प्रदर्शन अब और स्पष्ट होता जा रहा है। उनका मानना है कि व्यापक बाजार में ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों ने कहा, "हाल के महीनों में व्यापक बाजार की मजबूती मुख्य रूप से तरलता (लिक्विडिटी) के कारण रही है, न कि कंपनियों की कमाई के दम पर। इससे ऐसी स्थिति बनी है, जहां कई मिड और स्मॉल-कैप शेयर महंगे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि लार्ज-कैप शेयर अपेक्षाकृत आकर्षक स्तर पर उपलब्ध हैं। अब यह असंतुलन धीरे-धीरे ठीक हो रहा है और यह रुझान आगे भी जारी रह सकता है।"
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का ऊंचे स्तर पर बने रहना बाजार के लिए बाहरी चुनौतियां हैं। यही कारण है कि संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बावजूद कई ट्रेडर शॉर्ट पोजिशन बना रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, "मौजूदा समय में उचित वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर सेक्टोरल रोटेशन सबसे उपयुक्त निवेश रणनीति है। परिणाम मिलने में समय लग सकता है, लेकिन यह रणनीति निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकती है।"
तकनीकी विश्लेषकों ने कहा कि निफ्टी में हालिया तेज गिरावट और 22,700 के स्तर का टूटना बाजार में गहरे करेक्शन की आशंका बढ़ाता है।
उन्होंने आगे बताया कि निफ्टी के लिए 22,590 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन (सपोर्ट) है। यदि यह स्तर कायम रहता है तो रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि मजबूत तेजी की पुष्टि के लिए निफ्टी को 22,840 के ऊपर वापस लौटना आवश्यक होगा।
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने लगभग 1,022 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी लगभग 1,614 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।
एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत तक गिर गए।
वहीं, अमेरिकी बाजारों में बुधवार को सकारात्मक माहौल देखने को मिला था। प्रौद्योगिकी शेयरों में तेजी के चलते नैस्डैक लगभग 1 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एआई से जुड़े शेयरों में बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इस बीच, ब्रेंट क्रूड वायदा कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और यह करीब 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई संबंधी चिंताओं को बढ़ा रही हैं और यही निवेशकों की धारणा पर दबाव बना रही हैं।
--आईएएनएस 

[@ हनुमानजी व शनिदेव के बीच क्या है रिश्ता]


[@ जानिए क्यों ये आदमी 25 सालों से खा रहा है मिट्टी]


[@ फिल्म इंडस्ट्री में सेक्स रैकेट का धंधा पांव पसारता जा रहा है,फंसी ये 11 एक्ट्रेस]