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पाकिस्तान में ट्रेनों की सुरक्षा सवालों के घेरे में, खामियों को क्या नजरअंदाज कर रहा रेल विभाग?

Source : business.khaskhabar.com | Mar 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 train safety in pakistan under scrutiny is the railway department overlooking flaws 802084नई दिल्ली। पाकिस्तान में हाल ही में शालीमार एक्सप्रेस से जुड़ा एक ट्रेन हादसा हुआ, जिसने रेलवे सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या रेलवे व्यवस्था की कमियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। 

बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के अनुसार, सुक्कुर में की गई एक अंदरूनी जांच में ट्रेन के लगभग 60 प्रतिशत कोच में बड़ी खामियां सामने आईं।

18 कोच में से 10 में गंभीर तकनीकी समस्याएं पाई गईं, जिनमें से नौ के ब्रेक सिलेंडर काम ही नहीं कर रहे थे। इनसे पता चलता है कि ट्रेन रवाना होने से पहले ही खतरनाक हालत में थी।

रिपोर्ट में हैरानी जताई गई कि इतनी खामियों के बावजूद, शुरुआती जांच में जोर इस बात पर रहा कि दुर्घटना के लिए ड्राइवर और उसके सहायक को जिम्मेदार ठहराया जाए।

अधिकारियों ने परिचालन से जुड़ी खामियों की ओर इशारा किया, जैसे कि लाल सिग्नल को पार कर जाना और ट्रेन को ठीक से नियंत्रित न कर पाना।

रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि ये भी संभावित कारण हो सकता है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खराब ब्रेकिंग सिस्टम वाली ट्रेन को चलने की अनुमति दिए जाने को सही नहीं ठहराया जा सकता।

इस मामले ने पाकिस्तान रेलवे के भीतर जिम्मेदारी तय करने के तरीके को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

रेलवे का परिचालन किसी एक टीम का काम नहीं होता। रखरखाव टीमों से लेकर निरीक्षण करने वाले अधिकारी और ट्रेन के कर्मचारी तक इसका हिस्सा होते हैं।

जब ब्रेक जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम ठीक से काम नहीं करते, तो गलती की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है, जिससे ड्राइवरों के लिए आपातकालीन स्थितियों को संभालना मुश्किल हो जाता है।

निरीक्षण रिपोर्ट में कुछ कोच को "डमी कोच" भी कहा गया है, जिससे संकेत मिलता है कि खराब उपकरणों के साथ ट्रेन चलाना कोई इकलौती घटना नहीं हो सकती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह रखरखाव के तरीकों में संभावित कमियों और ट्रेनों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें चालू रखने को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है।

ट्रेन ड्राइवरों ने पहले भी इसी तरह की शिकायत की थीं और कहा था कि खराब उपकरणों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना ठीक नहीं है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हाल की ये घटना उन चिंताओं को सही साबित करती है और सुरक्षा मानकों पर एक नई बहस छेड़ती है।

निरीक्षण और नियामक जांच सहित निगरानी तंत्रों की कार्यकुशलता पर भी सवाल उठाए गए हैं।

यह तथ्य कि इतनी गंभीर खामियों वाली ट्रेन इन प्रक्रियाओं से गुजर गई, यह दर्शाता है कि या तो नियमों का पालन सख्ती से नहीं हो रहा है या फिर सिस्टम के भीतर जोखिम को स्वीकार करने की प्रवृत्ति बढ़ गई है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान रेलवे अपनी छवि सुधारने और जनता का विश्वास फिर से जीतने की कोशिश कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की सुरक्षा संबंधी चूक उसकी प्रतिष्ठा को और नुकसान पहुंचा सकती है और यात्रियों के मन में संदेह पैदा कर सकती है।

--आईएएनएस

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