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अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी भारत में करेगी 250 मिलियन डॉलर का निवेश; आरएंडडी क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढांचे का होगा विस्तार 

Source : business.khaskhabar.com | July 30, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 us semiconductor company marvell technology to invest 250 million in india to expand randd capabilities engineering talent and infrastructure 832565बेंगलुरु । अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी मार्वेल टेक्नोलॉजी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले तीन वर्षों में भारत में 25 करोड़ डॉलर (250 मिलियन डॉलर) का निवेश करेगी, जिसका उद्देश्य कंपनी की रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) क्षमता, इंजीनियरिंग प्रतिभा और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है। कंपनी का मानना है कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 
यह निवेश भारत में कंपनी के संचालन के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है, जिसके तहत मार्वेल ने अगले 3 वर्षों में भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या दोगुनी करने की भी योजना बनाई है।
विस्तार योजना के तहत कंपनी ने बेंगलुरु कार्यालय में एक नए विंग का उद्घाटन किया है। साथ ही हैदराबाद में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई जा रही है, ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उन्नत सेमीकंडक्टर समाधानों के डिजाइन और विकास को गति दी जा सके।
मार्वेल के वाइस प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री मैनेजर नवीन बिश्नोई ने कहा कि भारत कंपनी के लिए एक रणनीतिक इंजीनियरिंग हब के रूप में विकसित हुआ है और दुनिया की अग्रणी हाइपरस्केलर तथा क्लाउड सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा उपयोग की जाने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा, "भारत मार्वेल के लिए इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक रणनीतिक केंद्र बन चुका है। यहां की टीम उन इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकों के विकास में अहम योगदान दे रही है, जिन पर दुनिया के प्रमुख हाइपरस्केलर और क्लाउड प्रदाताओं की सेवाएं आधारित हैं।"
बिश्नोई ने कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों, साझेदारों, सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं और विशेष रूप से भारत में कार्यरत अपनी टीम की नवाचार क्षमता, विशेषज्ञता और समर्पण के लिए आभारी है, जिन्होंने कंपनी की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मार्वेल ने वर्ष 2006 में बेंगलुरु से भारत में अपना संचालन शुरू किया था। तब से कंपनी ने भारत को अपने दुनिया के दूसरे सबसे बड़े रिसर्च एंड डेवलपमेंट केंद्र के रूप में विकसित किया है।
वर्तमान में कंपनी के बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में इंजीनियरिंग केंद्र हैं, जहां की टीमें 2-नैनोमीटर और उससे आगे की सेमीकंडक्टर प्रोसेस तकनीक, हाई-स्पीड एनालॉग इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी), सबसिस्टम डिजाइन, सॉफ्टवेयर और फर्मवेयर डेवलपमेंट तथा एंड-टू-एंड सिलिकॉन इंजीनियरिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
कंपनी के अनुसार, भारत में कार्यरत उसकी इंजीनियरिंग टीमें कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्लेटफॉर्म पर योगदान दे रही हैं, उनके नाम अनेक पेटेंट दर्ज हैं और वे इंजीनियरिंग उत्पादकता बढ़ाने तथा नए उत्पादों के विकास में तेजी लाने के लिए उन्नत एआई टूल्स का भी व्यापक उपयोग कर रही हैं।
मार्वेल ने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग क्षमताओं के विस्तार के अलावा वह भारत के व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स, उद्योग संगठनों और सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी लगातार निवेश कर रही है।
 

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