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'विकसित भारत 2047' और 'फ्रांस 2030' नवाचार संबंधों के लिए समान अवसर प्रदान करते हैं: सरकार

Source : business.khaskhabar.com | Jun 15, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 viksit bharat 2047 and france 2030 offer shared opportunities for innovation ties government 821340नई दिल्ली । सरकार ने सोमवार को कहा कि भारत का 'विकसित भारत 2047' विजन और फ्रांस की 'फ्रांस 2030' महत्वाकांक्षा भविष्य उन्मुख नवाचार साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई समान अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उभरती और परिवर्तनकारी तकनीकों में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। 
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस ने इसी उद्देश्य से इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने पर सहमति जताई है। यह रोडमैप महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के सह-विकास, भरोसेमंद तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने, शिक्षा एवं शोध क्षेत्र में गतिशीलता बढ़ाने और लोगों, पर्यावरण तथा साझा समृद्धि के लिए ठोस परिणाम देने की दिशा में दोनों देशों के सहयोग का मार्गदर्शन करेगा।
दोनों देशों ने माना है कि नवाचार आर्थिक मजबूती, सतत विकास, रणनीतिक स्वायत्तता तथा तकनीकी और औद्योगिक संप्रभुता का प्रमुख आधार है।
बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस का मानना है कि मजबूत नवाचार साझेदारी दोनों देशों की पूरी नवाचार क्षमता को सामने लाने में मदद करेगी और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फरवरी 2025 में जारी भारत-फ्रांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) घोषणा और 2025 व 2026 में क्रमशः फ्रांस और भारत द्वारा आयोजित एआई एक्शन एवं इम्पैक्ट समिट के आधार पर दोनों देशों ने 'ट्रस्टेड एआई' को अपनी नवाचार साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बनाने पर सहमति जताई है।
बयान में कहा गया है कि दोनों देश सुरक्षित, संरक्षित और भरोसेमंद एआई सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। ऐसे एआई सिस्टम लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के अनुरूप होंगे, भेदभाव और गलत सूचना के प्रसार को रोकेंगे तथा सतत विकास के 2030 एजेंडा को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
भारत और फ्रांस एआई गवर्नेंस के लिए जोखिम-आधारित और एक-दूसरे के अनुरूप नियम विकसित करने हेतु नियामक संस्थाओं, मानक निर्धारण निकायों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे।
इसमें उन्नत और जनरेटिव एआई मॉडल भी शामिल होंगे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नवाचार और राष्ट्रीय विकास की गति प्रभावित न हो।
दोनों देशों ने माना है कि एआई-आधारित सेवाएं डिजिटल वातावरण में विशेष रूप से बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती हैं।
इसी को देखते हुए भारत और फ्रांस ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को अपनी एआई साझेदारी की प्राथमिकता बनाने और इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
भारत और फ्रांस ने यह भी स्वीकार किया है कि गोपनीयता-सुरक्षित डेटा साझा करने की व्यवस्था एआई और डेटा-आधारित नवाचार की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, साथ ही इससे लोगों के मूलभूत अधिकारों की भी रक्षा होगी।
होराइजन 2047 फ्रेमवर्क के साझा उद्देश्यों के तहत दोनों देशों ने माना है कि एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा, शोध साझेदारी, प्रतिभा की आवाजाही और संस्थागत सहयोग भविष्य की पीढ़ियों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
बयान में कहा गया कि इस संदर्भ में दोनों पक्ष फ्रांस के 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों का स्वागत करने के लक्ष्य के महत्व को स्वीकार करते हैं और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
भारत और फ्रांस के कई शैक्षणिक संस्थानों ने छात्र आदान-प्रदान और संयुक्त शोध कार्यक्रमों के माध्यम से अकादमिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
दोनों देशों ने यह भी माना है कि लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) नवाचार, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए भारत और फ्रांस ने अपने-अपने एसएमई इकोसिस्टम के बीच और अधिक संवाद एवं सहयोग के अवसर तलाशने की मंशा जताई है।
--आईएएनएस
 

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