अगस्त में पेट्रोल-डीजल की खपत में जोरदार बढ़ोतरी, आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत
देश में सबसे ज्यादा बिकने वाले पेट्रोलियम उत्पाद, डीजल का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट और खेती के क्षेत्रों में होता है। इसकी खपत पिछले साल के इसी महीने में 6.58 मिलियन टन थी, जो बढ़कर 7.00 मिलियन टन हो गई, यानी इसमें 6.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
भारत का चालू खाता घाटा अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी का 0.5 प्रतिशत रहा
पिछले साल की समान अवधि में चालू खाता घाटा जीडीपी का 0.4 प्रतिशत था। आयात की ज्यादा लागत के कारण, 2026-27 की पहली तिमाही में वस्तु व्यापार घाटा 86.1 अरब डॉलर था, जो 2025-26 की पहली तिमाही के 88.9 अरब डॉलर से ज्यादा था।
केंद्र सरकार ने 1 सितंबर से डीजल पर निर्यात शुल्क और विंडफॉल टैक्स घटाया
सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और घरेलू बाजार की परिस्थितियों में बदलाव के अनुरूप पेट्रोलियम उत्पादों पर शुल्क और विंडफॉल टैक्स की समय-समय पर समीक्षा करती है।
भारत का जीएसटी संग्रह अगस्त में 14.8 प्रतिशत बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपए रहा
आंकड़ों के मुताबिक, संग्रह में वृद्धि की मुख्य वजह आयातित वस्तुओं और सेवाओं से जीएसटी राजस्व में इजाफा होना है, जो कि अगस्त में सालाना आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 62,604 करोड़ रुपए हो गया है। घरेलू वस्तुओं और सेवाओं से जीएसटी आय अगस्त में सालाना आधार पर 9.3 प्रतिशत बढ़कर 1,37,249 करोड़ रुपए हो गई है।
खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और मुंद्रा एवं विझिंजम पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट आसपास की अर्थव्यवस्था में लाते हैं बड़ा बदलाव: गौतम अदाणी
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सोमवार को कहा कि खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और मुंद्रा एवं विझिंजम पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट केवल क्षमता का निर्माण नहीं करते, बल्कि आसपास की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाते हैं।
तमिलनाडु में तास्माक का राजस्व रिकॉर्ड 50,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा
तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (तास्माक) से प्राप्त राजस्व ने 2025-26 में पहली बार 50,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जो शराब की बिक्री से एकत्र किए गए करों पर राज्य सरकार की निरंतर निर्भरता को दिखाता है।
मजबूत घरेलू मांग, निवेश और सेवा क्षेत्र में वृद्धि से तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था : इंडस्ट्री चैम्बर्स
विशेषज्ञों ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, डिजिटलाइजेशन, सेवा निर्यात और वित्तीय क्षेत्र की बेहतर होती बैलेंस शीट को अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सहारा बताया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रियल जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह वृद्धि 6.9 प्रतिशत रही थी।
सेमीकॉन 2.0 से आकर्षित हो सकता है 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निजी निवेश: उद्योग संगठन
इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) ने कहा कि यह कार्यक्रम पहले से चल रहे सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का विस्तार है और सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला के 6 प्रमुख स्तंभों को कवर करते हुए भारत की डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी, अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही विकास दर
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी की विकास दर 10.3 प्रतिशत रही है। वहीं, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह 8.1 प्रतिशत रही है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, जबकि नॉमिनल आधार पर यह 11.5 प्रतिशत रहा है।
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 7.5 करोड़ से अधिक नॉन-ऑडिट करदाताओं ने आईटीआर दाखिल किया: आयकर विभाग
विभाग ने एक्स पर कहा, "असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 7.5 करोड़ से अधिक आईटीआर पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं।" विभाग ने आगे कहा, "व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय (गैर-ऑडिट) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है।