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भारतीय मानक ब्यूरो ने आईएस 20201:2026 जारी किया, स्वदेशी बीजों के संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

Source : business.khaskhabar.com | Jun 12, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 bureau of indian standards (bis) releases is 202012026 boost for conservation of indigenous seeds 820703नई दिल्ली । भारतीय मानक ब्यूरो ने सामुदायिक बीज बैंक प्रबंधन को मानकीकरण और कृषि जैव विविधता सुरक्षा के लिए आईएस 20201:2026 जारी किया। इससे स्वदेशी बीजों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कृषि क्षमता में वृद्धि और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। यह जानकारी उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई। 
मंत्रालय ने बताया कि यह स्वैच्छिक रूप से प्रमाणन योग्य प्रबंधन प्रणाली मानक है और पूरे देश में सामुदायिक बीज बैंकों (सीएसबी) के लिए एक व्यापक, संरचित प्रबंधन ढांचा प्रदान करती है।
कृषि प्रधान समाज होने से भारत अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और दीर्घकालिक सूखे सहित जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना कर रहा है, ऐसे में भारत की देशी बीज की किस्में अमूल्य और महत्वपूर्ण संसाधन हैं। विभिन्न पारंपरिक बीजों में प्राकृतिक सूखा सहन करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता और उच्च पोषण गुण पाए जाते हैं। विकेंद्रीकृत, समुदाय-संचालित बीज बैंकों के लिए मानकीकृत संचालन नियम प्रदान कर, आईएस 20201:2026 इन स्वदेशी बीजों के संरक्षण को बढ़ावा देता है, जिससे कृषि क्षमता में वृद्धि और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
मंत्रालय ने बयान में आगे कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और कृषि जैव विविधता संरक्षण तथा सतत कृषि प्रणालियों के समर्थन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन जैसी केंद्रीय पहल को भी सुदृढ़ करता है, जिसमें सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना के लिए 50 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता दी जाती है।
मानक-अनुरूप विकेंद्रीकृत भंडार के रूप में छोटे कृषक संघ स्थानीय किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बीजों के एकत्रिकरण, भंडारण और आदान-प्रदान में सक्षम बनाते हैं। यह मानक संगठनात्मक व्यवस्था, बीज संग्रहण और खरीद, बीज प्रसंस्करण और भंडारण से संबंधित आवश्यकताओं को दिखाता है। इससे छोटे किसानों की आजीविका सुरक्षा बढ़ती है, जमीनी स्तर पर प्रत्यास्थता मजबूत होती है और मांग अनुकूल, पारंपरिक फसल किस्मों तक पहुंच सुनिश्चित होती है।
मंत्रालय के मुताबिक, इस मानक में बीज बैंक संचालन के संपूर्ण जीवनचक्र की रूपरेखा प्रदान की गई है, जिसमें संगठनात्मक व्यवस्था, बीज संग्रह और खरीद, व्यवहार्यता परीक्षण, सफाई, सुखाने, भंडारण, प्रलेखन, गुणवत्ता, बीज पुनर्जनन प्रथाएं, जोखिम प्रबंधन और निरंतर सुधार शामिल हैं।
आईएस 20201:2026 को आधिकारिक बीआईएस पोर्टल से बिना किसी शुल्क के डाउनलोड किया जा सकता है। सभी सामुदायिक बीज बैंकों, सहकारी समितियों और कृषि हितधारकों को स्वदेशी बीज संरक्षण के लिए गुणवत्ता-पूर्ण और आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने हेतु इन दिशानिर्देशों को अपनाने को कहा गया है।
--आईएएनएस 

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