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विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में ऐतिहासिक रैली, सेंसेक्स-निफ्टी ने दर्ज की एक साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त

Source : business.khaskhabar.com | Nov 07, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 buying by foreign investors sparked a historic rally in the market with the sensex and nifty recording their biggest weekly gain in a year 859368
मुंबई । विदेशी निवेशकों की जोरदार खरीदारी, मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों और वैश्विक स्तर पर अनुकूल माहौल के चलते भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह एक साल से अधिक समय की अपनी सबसे मजबूत तेजी दर्ज की। सप्ताह के दौरान प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 8 प्रतिशत से अधिक उछले और निवेशकों की धारणा में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। 
सप्ताह के दौरान निफ्टी में 8.58 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और अंतिम कारोबारी सत्र में यह 2 प्रतिशत चढ़कर 25,030 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स शुक्रवार को 1,718 अंक या 2.17 प्रतिशत की मजबूती के साथ 81,028 पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में सेंसेक्स में 8.82 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की मजबूत वापसी रही। सप्ताह भर में एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग 45,960 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया, जो पिछले कई हफ्ते से जारी बिकवाली के दौर के बाद एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
बाजार की इस रैली में बैंकिंग शेयरों ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैंक निफ्टी सप्ताह के दौरान लगभग 8 प्रतिशत चढ़ गया। वित्तीय सेवाएं, निजी बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर भी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, मजबूत दूसरी तिमाही के नतीजे, अक्टूबर में बेहतर ऑटो बिक्री और मजबूत जीएसटी संग्रह ने बाजार के लिए मजबूत आधार तैयार किया। वहीं अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों ने वैश्विक निवेशकों की धारणा को और सकारात्मक बना दिया। निवेशकों को उम्मीद है कि इससे ईरान से जुड़े तनाव में कमी आ सकती है और व्यापार शुल्कों को लेकर अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया जा सकता है।
बाजार में तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार सूचकांकों में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक सप्ताह भर में 5.77 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.77 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
गौरतलब है कि इस दौरान अमेरिकी बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को अमेरिकी बाजार में बिकवाली के कारण एसएंडपी 500 कंपनियों के बाजार मूल्य में लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई। इसके असर से एशिया के कई तकनीक-प्रधान बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूप में उभरकर सामने आया।
बाजार की धारणा को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले से भी समर्थन मिला। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक रही। सप्ताह के दौरान डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 104-105 डॉलर प्रति बैरल से घटकर करीब 90 डॉलर पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 97-98 डॉलर के दायरे में पहुंच गया। दोनों प्रमुख बेंचमार्क में साप्ताहिक आधार पर 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में अमेरिकी रोजगार आंकड़े और अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) डेटा वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं घरेलू स्तर पर निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों और कंपनियों के शेष तिमाही नतीजों पर रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो भारतीय बाजारों में तेजी का रुख आगे भी कायम रह सकता है।
--आईएएनएस

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