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पिछले 12 वर्षों में भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में 275 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी, 300 गीगावाट का आंकड़ा पार: प्रल्हाद जोशी

Source : business.khaskhabar.com | Aug 28, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india non fossil fuel capacity rises by 275 in 12 years crosses 300 gw mark pralhad joshi 840122मुंबई । केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गुरुवार को कहा कि भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन से स्थापित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट का आंकड़ा पार कर लिया है और यह लगभग 302-303 गीगावाट तक पहुंच गई है। वहीं, प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से लगभग 53.5 लाख लाभार्थी परिवारों को लाभ मिल चुका है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 80.3 गीगावाट से बढ़कर 300.5 गीगावाट हो गई है, जो 275 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसी अवधि में सौर ऊर्जा क्षमता 2.8 गीगावाट से बढ़कर 165 गीगावाट हो गई, जो लगभग 58 गुना वृद्धि है, जबकि पवन ऊर्जा क्षमता लगभग 21 गीगावाट से बढ़कर 58 गीगावाट हो गई, जो 176 प्रतिशत की वृद्धि है।  
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों के दौरान 17 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जिसमें 14.33 गीगावाट सौर क्षमता और 2 गीगावाट से अधिक पवन क्षमता शामिल है।
जोशी ने बताया कि 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अगले पांच वर्षों में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि इस पूंजी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय वित्तीय संस्थानों, पूंजी बाजारों, बीमा निधियों, अवसंरचना निवेशकों और निजी पूंजी के माध्यम से जुटाना होगा, और इसी कारण मुंबई भारत के स्वच्छ ऊर्जा निवेश पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाता है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, उपभोक्ता मामले एवं खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने यह जानकारी आगामी भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो (बीआरईएसई) 2026 के लिए मुंबई रोडशो में निवेशकों, विकासकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों, उद्योग जगत के नेताओं और हितधारकों की एक उच्च स्तरीय सभा को संबोधित करते हुए दी।
बयान में आगे कहा गया कि इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने ऊर्जा क्षेत्र के सभी हितधारकों से आगामी बीआरईएसई 2026 में भाग लेने का आग्रह किया और कहा कि यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी रुचि पैदा कर रहा है। जोशी ने कहा कि चार दिवसीय इस आयोजन में 75 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और ऊर्जा मंत्रियों, वैश्विक संस्थागत निवेशकों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य शृंखला से जुड़े 25,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
जोशी ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन उद्योग जगत के हितधारकों को साझेदारी बनाने, नए बाजारों की खोज करने और वैश्विक निवेशकों और प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
जोशी ने आगे कहा कि भारत, विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में, घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में हो रहे तीव्र अवसंरचना विकास के साथ हरित ऊर्जा क्षेत्र निवेश और सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
--आईएएनएस
 

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