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'लखपति दीदी' अभियान को मिली डिजिटल ताकत, 'लोकओएस' प्लेटफॉर्म से करोड़ों ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा लाभ

Source : business.khaskhabar.com | July 04, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 lakhpati didi campaign gets digital boost millions of rural women benefit from lokos platform 826300नई दिल्ली । ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे 'लखपति दीदी' अभियान को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म 'लोक ओएस' का बड़ा सहारा मिल रहा है। सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म बड़े स्तर पर लाभार्थियों तक पहुंच, उनकी प्रगति की निगरानी और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए इस अभियान को और प्रभावी बना रहा है। 
फिलहाल, 'लोक ओएस' के माध्यम से 6,611 मास्टर ट्रेनर, 4.09 लाख कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (सीआरपी), और 3.87 करोड़ संभावित लखपति दीदी का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर 18.50 करोड़ डिजिटल आजीविका रजिस्टर भी उपलब्ध हैं, जो आजीविका की योजना बनाने, उसकी निगरानी करने और उसे लागू करने के लिए मजबूत डिजिटल आधार प्रदान करते हैं।
'लोक ओएस', दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकसित एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य सामुदायिक-आधारित संगठनों की पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाना है।
देशभर में इसका विस्तार होने से 'लखपति दीदी' अभियान को नई गति मिली है और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही यह आत्मनिर्भर ग्रामीण समुदायों के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 'लोक ओएस' रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल वित्तीय प्रबंधन के जरिए पारदर्शिता, बेहतर प्रशासन और कार्यकुशलता को बढ़ा रहा है। यह सामुदायिक संस्थाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता की भी प्रभावी निगरानी करता है। अब तक प्लेटफॉर्म के जरिए 9,718.41 करोड़ रुपए का रिवॉल्विंग फंड (आरएफ), 64,607.66 करोड़ रुपए का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) और 38.34 करोड़ रुपए का कम्युनिटी एंटरप्राइज फंड (सीईएफ) ट्रैक किया जा रहा है।
'लोक ओएस' पर सदस्यों का रिकॉर्ड, प्रोफाइल, बचत, ऋण, पुनभुगतान, वित्तीय लेनदेन, आजीविका गतिविधियां, और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है। यह प्लेटफॉर्म फिलहाल 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, 762 जिलों, 7,241 ब्लॉकों, 2.57 लाख ग्राम पंचायतों, और 5.92 लाख गांवों तक पहुंच चुका है।
इसमें वेब और मोबाइल दोनों तरह के एप्लिकेशन उपलब्ध हैं। वेब एप्लिकेशन का उपयोग प्रशासक, ई-बुककीपर और लेनदेन को मंजूरी देने वाले अधिकारी स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर लेवल फेडरेशन और उनके सदस्यों का प्रबंधन करने के लिए करते हैं। वहीं, मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए फील्ड में सामुदायिक संगठनों की गतिविधियों को आसानी से रिकॉर्ड और संचालित किया जाता है।
सरकारी बयान के अनुसार, 'लोक ओएस' ने देशभर में सामुदायिक संस्थाओं के डिजिटल परिवर्तन को नई रफ्तार दी है। इससे पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ी है। साथ ही सभी स्तरों पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी को भी मजबूती मिली है।
--आईएएनएस
 

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