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बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स में 299 अंकों की उछाल, निफ्टी में 0.50 प्रतिशत की तेजी

Source : business.khaskhabar.com | Sep 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 markets closed in the green with sensex up 299 points and nifty up 050 percent 847127
बिजनेस डेस्क। मुंबई 

पिछले दिन की गिरावट से उबरते हुए बुधवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। अमेरिकी-ईरान वार्ता की उम्मीदों के चलते तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर होने से प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में 0.50 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई। 

बाजार बंद होने के समय, सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत बढ़कर 74,828.25 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 117.80 अंक यानी 0.5 प्रतिशत बढ़कर 23,446.80 पर पहुंच गया। व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.70 प्रतिशत और 0.89 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 

वहीं, सेक्टरवार देखें, तो निफ्टी मेटल ने 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने भी अपने समकक्षों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया ने सबसे खराब प्रदर्शन किया, जिनमें क्रमशः 0.87 प्रतिशत और 0.50 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। 

निफ्टी50 इंडेक्स में बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, टाटा स्टील, अपोलो हॉस्पिटल और जेएसडब्ल्यू स्टील ने बेहतर प्रदर्शन किया और टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इसके साथ ही ग्रासिम, नेस्ले इंडिया, आईटीसी, एलएंडटी, पावरग्रिड और अदाणी पोर्ट्स में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। जबकि इसके विपरीत, एचसीएल टेक, टाइटन, इंफोसिस, कोल इंडिया, टीसीएस, विप्रो, एनटीपीसी, बीईएल और ट्रेंट सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे। 

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि दिन भर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान आई तेजी को नजरअंदाज किया और घरेलू विकास की रफ्तार मजबूत होने के संकेतों पर ध्यान दिया। 

एक्सपर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतों में 'रिस्क प्रीमियम' बना रहा, जिससे मज़बूत होते अमेरिकी डॉलर के बीच भारतीय रुपए पर दबाव पड़ा। हालांकि, सितंबर के 'फ्लैश पीएमआई' के उम्मीद से बेहतर रहने से आर्थिक गतिविधियों के मजबूत बने रहने का भरोसा बढ़ा। इससे संकेत मिला कि महंगाई का दबाव बढ़े बिना विकास की रफ्तार बनी हुई है। 

एक्सपर्ट ने कहा कि इस सकारात्मक मैक्रो माहौल ने पूरे बाजार में खरीदारी को बढ़ावा दिया, जिससे घरेलू शेयरों को एशियाई बाजारों की बढ़त के साथ आगे बढ़ने में मदद मिली। सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही, जबकि व्यापक बाजार में अच्छी भागीदारी से निवेशकों का बढ़ता भरोसा झलका। हालांकि, आईटी शेयरों में सुस्ती रही, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स की बढ़त ऊपरी स्तरों पर सीमित रही। -आईएएनएस

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