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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार; 7 पर्वतीय सुरंगों में से 3 का निर्माण पूरा, 74 किलोमीटर क्षेत्र में पियर तैयार: अश्विनी वैष्णव

Source : business.khaskhabar.com | Aug 26, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 mumbai ahmedabad bullet train project gains momentum construction of 3 out of 7 mountain tunnels complete piers ready along 74 kilometer stretch ashwini vaishnaw 839557नई दिल्ली । भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब तेजी से आकार ले रही है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की एक झलक साझा करते हुए बताया कि देश की महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर तेज गति से कार्य जारी है। 
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो संदेश के माध्यम से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह निर्माण कार्य ठाणे जिले के शिलफाटा से लेकर महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित जरोली गांव तक फैले 135.45 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा है।
यह सेक्शन बुलेट ट्रेन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विविध भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक क्षेत्रों को जोड़ते हुए भारत के पहले हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगा। परियोजना के तहत कुल 124.027 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट और पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ट्रेन का संचालन निर्बाध और उच्च गति से संभव हो सकेगा।
परियोजना के तहत महाराष्ट्र में ठाणे, विरार और बोइसर में तीन आधुनिक एलिवेटेड बुलेट ट्रेन स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें ठाणे स्टेशन को विशेष पर्यावरणीय दृष्टिकोण के साथ डिजाइन किया गया है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, ठाणे स्टेशन का कॉनकोर्स स्तर प्राकृतिक भूमि स्तर से लगभग 12 मीटर ऊपर बनाया जा रहा है ताकि क्षेत्र के संवेदनशील मैंग्रोव वन सुरक्षित रह सकें और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि परियोजना के निर्माण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 100 किलोमीटर से अधिक लंबाई में पियर (पिलर) निर्माण का काम जारी है और लगभग 74 किलोमीटर क्षेत्र में पियर तैयार हो चुके हैं, जहां अब वायाडक्ट गर्डर स्थापित किए जा रहे हैं।
निर्माण कार्य को गति देने के लिए महाराष्ट्र में 9 कास्टिंग यार्ड, 7 फुल-स्पैन लॉन्चिंग गैंट्री और 8 स्पैन-बाय-स्पैन लॉन्चिंग गैंट्री सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के उपयोग से परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
बुलेट ट्रेन मार्ग में कुल 7 पर्वतीय सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से 3 सुरंगों में ब्रेकथ्रू (दोनों सिरों को जोड़ने का कार्य) पूरा हो चुका है।
इन सुरंगों में अब ड्रेनेज, वॉटरप्रूफिंग और टनल लाइनिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार के अनुसार, यह परियोजना भारतीय रेलवे इतिहास की सबसे जटिल और उन्नत इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है।
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण नदी पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिनमें उल्हास नदी पर 460 मीटर, वैतरणा नदी पर 2.32 किलोमीटर और जगानी नदी पर 510 मीटर लंबा पुल शामिल है।
इसके अलावा, परियोजना में कुल 36 पुल और क्रॉसिंग बनाई जा रही हैं, जिनमें 12 स्टील ब्रिज भी शामिल हैं, जो प्रमुख रेलवे लाइनों, उल्हास नदी, मुंबई-नासिक हाईवे और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों को पार करेंगे।
रेल मंत्रालय के अनुसार, ठाणे और पालघर में चल रहा निर्माण कार्य भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की विशालता और इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आधुनिक भारत के विजन तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में देश में अगली पीढ़ी के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पूरा होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल होगा, जहां अत्याधुनिक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क उपलब्ध होगा। यह परियोजना न केवल यात्रा समय को कम करेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
--आईएएनएस
 

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