NSE का IPO जल्द आएगा, 14.89 करोड़ शेयरों का होगा ऑफर-फॉर-सेल
Source : business.khaskhabar.com | Sep 08, 2026 | 

बिजनेस डेस्क। जयपुर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के समक्ष ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। 1 रुपए फेस वैल्यू वाला यह सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) पर आधारित होगा, जिसमें 14,89,05,525 (14.89 करोड़) इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। यह एनएसई की कुल चुकता पूंजी (Paid-up Capital) का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा है।
इस ओएफएस में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB), अरांडा इन्वेस्टमेंट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, जीआईसी ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस प्रमुख रूप से अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
उम्मीद की जा रही है कि यह आईपीओ इसी माह नवरात्र से पहले लांच हो जाएगा।
बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत जारी होने वाले इस इश्यू में 50 प्रतिशत तक हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (NII) के लिए और 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है।
रेडसीयर रिपोर्ट के अनुसार, 1992 में स्थापित एनएसई वित्त वर्ष 2001 से वित्त वर्ष 2026 तक कैश मार्केट और इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर के मामले में देश का सबसे बड़ा एक्सचेंज रहा है। वहीं, वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंजेस के आंकड़ों के अनुसार, एनएसई वित्त वर्ष 2026 में 36.99 अरब अनुबंधों के कारोबार के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज बना रहा। कैश मार्केट टर्नओवर में यह भारत में पहले और वैश्विक स्तर पर ट्रेडों की संख्या में तीसरे स्थान पर है।
पूंजी बाजार के लोकतंत्रीकरण में एक्सचेंज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एनएसई के एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान ने यहां बताया कि मुताबिक 31 मार्च 2020 को जहां पंजीकृत निवेशकों की संख्या 3.08 करोड़ थी, वहीं 26.9 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ 31 मार्च 2026 तक एनएसई का यूनिक रजिस्टर्ड इन्वेस्टर बेस बढ़कर 12.91 करोड़ (129.1 मिलियन) तक पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि एक्सचेंज की पहुंच भारत के 99 प्रतिशत से अधिक पोस्टल पिन कोड्स तक है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का परिचालन राजस्व बढ़कर 16,601 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 10,302 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2024 में क्रमशः 14,780 करोड़ रुपये और 8,305 करोड़ रुपये था।
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