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सेबी, सीएएस में हेरफेर करने वालों के खिलाफ तुरंत करेगा कार्रवाई: तुहिन कांत पांडे

Source : business.khaskhabar.com | Aug 19, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 sebi will take immediate action against those manipulating cas tuhin kant pandey 837830मुंबई । भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई हाल ही में बाजार में लागू किए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) सिस्टम में हेराफेरी या गड़बड़ी करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।  
फिक्की कैपिटल मार्केट्स कॉन्फ्रेंस मुंबई के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत करते हुए पांडे ने कहा कि रेगुलेटर सीएएस फ्रेमवर्क के तहत किसी भी तरह की हेराफेरी का पता लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, "हम एक बात साफ करना चाहते हैं कि अगर लोग सीएएस में हेरफेर करते हैं, तो हम उनके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करेंगे।"
सेबी के चेयरमैन ने कहा कि नया सिस्टम रेगुलेटर को संभावित हेरफेर की पहचान करने की बेहतर क्षमता देता है, जो पहले के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) आधारित सिस्टम की तुलना में अधिक प्रभावी है।
पांडे ने कहा, "सीएएस सिस्टम में हमारे पास हेरफेर पकड़ने की अधिक क्षमता है। पुराने वीडब्ल्यूएपी सिस्टम की तुलना में, सीएएस सिस्टम में हम हेरफेर को अपेक्षाकृत आसानी से पकड़ सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि सीएएस का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और शेयरों की क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए एक निष्पक्ष सिस्टम सुनिश्चित करना था। उन्होंने बाजार के प्रतिभागियों को सिस्टम का दुरुपयोग करने या इसकी प्रभावशीलता पर संदेह पैदा करने की कोशिश करने के खिलाफ भी आगाह किया।
उन्होंने कहा, “सीएएस का मकसद पारदर्शिता लाना है। लेकिन अगर किसी को लगता है कि हम सीएएस को बदनाम करने के लिए उसमें कोई गड़बड़ी करेंगे, तो वे गलत हैं।”
इस महीने की शुरुआत में क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम को 20 मिनट के एक अलग सेशन के तौर पर शुरू किया गया था। इस दौरान एक्सचेंज खरीद और बिक्री के ऑर्डर इकट्ठा करते हैं और स्टॉक की क्लोजिंग प्राइस उस लेवल पर तय करते हैं जहां सबसे ज्यादा वॉल्यूम का ट्रेड हो सके।
इस सिस्टम ने क्लोजिंग प्राइस तय करने के पुराने तरीके की जगह ली है। पुराना तरीका रेगुलर मार्केट के आखिरी 30 मिनट में हुए ट्रेड की औसत कीमत के आधार पर क्लोजिंग प्राइस तय करता था।
इस नए सिस्टम का मकसद क्लोजिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया को ज्यादा निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है, साथ ही खास तौर पर बड़े ऑर्डर के लिए एग्जीक्यूशन की क्षमता को बेहतर बनाना है।
--आईएएनएस
 

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