businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

चीनी की एक्स-मिल कीमतों में 20 प्रतिशत की गिरावट, खुदरा बाजार में भी शुरू हुई नरमी: सरकार

Source : business.khaskhabar.com | Aug 28, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 sugar ex mill prices drop by 20 percent retail market also sees softening government 840216
बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में एक्स-मिल चीनी कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और अब खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम नीचे आने लगे हैं। सरकार के अनुसार, आपूर्ति शृंखला में कीमतों का प्रभाव धीरे-धीरे पहुंचता है, इसलिए आने वाले दिनों में खुदरा स्तर पर भी कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है। 

मंत्रालय ने बताया कि सरकार लगातार देशभर में चीनी की कीमतों, स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हाल के दिनों में कीमतों में आई तेज वृद्धि के बाद सरकार ने कई सक्रिय कदम उठाए, जिनका असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। 

मंत्रालय के अनुसार, एक्स-मिल और खुदरा दोनों स्तरों पर कीमतों में आई गिरावट यह संकेत देती है कि हालिया मूल्य वृद्धि का प्रमुख कारण वास्तविक कमी नहीं, बल्कि जमाखोरी और सट्टेबाजी थी। सरकार द्वारा देशभर की चीनी मिलों में भंडार के भौतिक सत्यापन अभियान चलाए गए। जांच के दौरान कई मामलों में यह पाया गया कि कुछ मिलों के पास घोषित आंकड़ों से अधिक चीनी का भंडार मौजूद था। इस सत्यापन अभियान से यह स्पष्ट हुआ कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और घबराहट में खरीदारी या अतिरिक्त भंडारण का कोई औचित्य नहीं है। 

मंत्रालय ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में चीनी मिलें शॉर्ट सेलिंग का सहारा ले रही थीं, जिसका अर्थ है कि मासिक कोटा के तहत उन्हें जितनी चीनी बाजार में बेचनी चाहिए थी, उससे कम मात्रा जारी की जा रही थी। इस तरह की गतिविधियों से पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद बाजार में आपूर्ति प्रभावित होती है और कीमतों पर अनावश्यक दबाव बनता है। 

सरकार ने यह भी देखा कि कई बार महीने की शुरुआत में चीनी की बिक्री होने के बावजूद खरीदार उसे मिलों से महीने के अंत तक नहीं उठाते थे, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनता था। इस स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने सितंबर से मासिक कोटा प्रणाली की जगह पखवाड़ा-आधारित चीनी आवंटन प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। 

नई व्यवस्था के तहत चीनी मिलों को आवंटित मात्रा का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा पहले सप्ताह में और शेष मात्रा अगले सप्ताह में बाजार में जारी करनी होगी। इसके अलावा, सरकार ने चीनी मिलों को निर्देश दिया है कि बिक्री के बाद चीनी को सात दिनों के भीतर मिल परिसर से भेजना अनिवार्य होगा। 

सरकार का मानना है कि पखवाड़ा-आधारित कोटा और सात दिन के भीतर अनिवार्य आपूर्ति की व्यवस्था से चीनी की आवाजाही तेज होगी, जिससे चीनी सीधे मिलों से थोक विक्रेताओं और फिर उपभोक्ताओं तक जल्दी पहुंचेगी, जबकि जमाखोरी और सट्टेबाजी की संभावना कम होगी। साथ ही बड़े उपभोक्ताओं को भी उनकी वास्तविक आवश्यकता से अधिक स्टॉक न रखने की सलाह दी गई है। 

मंत्रालय ने कहा कि नई पेराई सत्र की शुरुआत 15 अक्टूबर से होने जा रही है। अक्टूबर में ही 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक चीनी उत्पादन होने का अनुमान है। सरकार ने यह भी अनुमति दी है कि अक्टूबर में उत्पादित चीनी को मिलें बिना किसी अतिरिक्त प्रतिबंध के बेच सकें, ताकि नए सत्र की चीनी जल्द से जल्द घरेलू बाजार में उपलब्ध हो सके। सरकार के अनुसार, नवंबर में लगभग 45 लाख मीट्रिक टन चीनी उत्पादन होने की संभावना है, जिससे बाजार में आपूर्ति और मजबूत होगी तथा कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। 

मंत्रालय ने दोहराया कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को घबराने या अतिरिक्त खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार बाजार पर करीब से नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उचित हस्तक्षेप करती रहेगी। -आईएएनएस

[@ व्यायाम से डर लगे तो कॉफी पीएं]


[@ इस एक्ट्रेस ने माना, खाना बनाने से दूर होता है तनाव]


[@ पापियों को "नर्क" की याद दिलाता है ये मंदिर]