businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

दूरसंचार विभाग के एफआरआई सिस्टम से वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मोबाइल नंबर को पहचान हुआ आसान : केंद्र 

Source : business.khaskhabar.com | Feb 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Gadget News Rss Feeds
 telecom department fri system makes identifying mobile numbers linked to financial fraud easier centre 789492नई दिल्ली । संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने बुधवार को बताया कि दूरसंचार विभाग के एफआरआई सिस्टम से वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मोबाइल नंबर की पहचान करना आसान हुआ।  
लोकसभा में पूछे एक प्रश्न का लिखित में उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (एफआरआई) विकसित किया है, जो एक रिस्क-बेस्ड मेट्रिक है। यह किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम के साथ जुड़े होने के रूप में वर्गीकृत करता है। 
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि एफआरआई के आधार पर, बैंक और यूपीआई सेवा प्रदाताओं जैसे हितधारक अपने संबंधित क्षेत्रों में जुड़े खातों या प्रोफाइल के विश्लेषण के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू करते हैं। हितधारकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, लेनदेन को अस्वीकार करने और नागरिकों को दिए गए अलर्ट/नोटिफिकेशन के आधार पर अब तक 1000 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी राशि को रोका गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके साथ, दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने और राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए कई अन्य उपाय भी किए हैं। 
इन उपायों के बारे में विस्तार से बात करते हुए पेम्मासानी ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने नागरिकों की सुविधा के लिए संचार साथी नामक एक पहल शुरू की है, जो वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के रूप में उपलब्ध है।
यह नागरिकों को संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने, अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त करने, खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की रिपोर्ट करने और मोबाइल हैंडसेट की प्रामाणिकता की जांच करने जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। 
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, संचार साथी के माध्यम से अब तक 8.33 लाख खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद किए गए हैं, नागरिकों द्वारा 'नॉट माय नंबर' या 'नॉट रिक्वायर्ड' के रूप में रिपोर्ट किए गए 2.24 करोड़ मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं और संदिग्ध एवं धोखाधड़ी के संचार से संबंधित नागरिकों द्वारा दी गई 7.7 लाख जानकारियों के आधार पर 39.44 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पूफ़्ड कॉल्स की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए एक प्रणाली विकसित की है। इस प्रणाली के परिणामस्वरूप ऐसी कॉल्स के प्रयासों में लगभग 99 प्रतिशत की कमी आई है।
--आईएएनएस
 

[@ वास्तु : इस रंग की कुर्सी पर बैठें, नहीं आएगी धन की कमी]


[@ मस्जिद में सिर्फ महिलाए पढती हैं नमाज,ऎसा क्यों]


[@ क्या अब भी रेखा की मांग में है संजय दत्त के नाम का सिंदूर?]