businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business



भारत और अरब देशों के बीच व्यापार अगले 20 वर्षों में 500 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद: आईएसीसीआईए महासचिव

Source : business.khaskhabar.com | Oct 14, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 trade between india and arab nations expected to reach $500 billion in the next 20 years iaccia secretary general 853183
मुंबई। भारत और अरब देशों का वाणिज्य, उद्योग और कृषि चैंबर (आईएसीसीआईए) के महासचिव वाइल अव्वाद ने बुधवार को कहा कि भारत और अरब देशों मौजूदा व्यापार 150 अरब डॉलर से ज्यादा का है और हम अगले 10 से 20 वर्षों में इसके 500 अरब डॉलर तक ले जाने की उम्मीद कर रहे हैं। 

उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में अव्वाद ने कहा कि हम 18-19 दिसंबर, 2026 के बीच दिल्ली में 'भारत अरब बिजनेस कॉन्क्लेव 2026' का आयोजन कर रहे हैं। जहां पर 22 अरब देशों का आमंत्रित किया गया है। यह अरब देशों के साथ व्यापार बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत और अरब देशों के बीच आपसी व्यापार 150 अरब डॉलर से ज्यादा का है। हम अगले 10 से 20 सालों में इसे 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं। कई मौके मौजूद हैं और भारत सरकार कई सेक्टर खोल रही है। मेरा मानना ​​है कि ज्यादा अरब देश, जहां से निवेशक आते हैं, वे बड़े पैमाने पर निवेश करना चाहते हैं। अगर हम उन्हें सही प्लेटफॉर्म दें और भारत सरकार अच्छे इंसेंटिव एवं प्रोजेक्ट दे, तो मुझे यकीन है कि यह बहुत सफल होगा।

भारत अरब बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन ऐसे समय पर किया जा रहा है, जब अरब देशों की अर्थव्यवस्था बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है और वे नए साझेदार तलाश रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को कहा था कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने के कारण 2026 में मध्य पूर्व और मध्य एशिया क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सिकुड़ सकती है। आईएमएफ की अक्टूबर 2026 वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर 2025 के 3.7 प्रतिशत से घटकर 2026 में -0.3 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि 2027 में इसके दोबारा 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक असर छोटे खाड़ी तेल उत्पादक देशों पर पड़ेगा। कुवैत की अर्थव्यवस्था 2026 में 16.7 प्रतिशत, इराक की 16 प्रतिशत, कतर की 15.6 प्रतिशत और बहरीन की 11.3 प्रतिशत तक सिकुड़ सकती है। आईएमएफ का मानना है कि ऊर्जा उत्पादन और परिवहन में बाधाओं का इन देशों पर सबसे ज्यादा प्रभाव होगा।

हालांकि 2027 में इन देशों में तेज वापसी की संभावना जताई गई है। आईएमएफ के अनुसार, 2027 में इराक 19 प्रतिशत, कतर 18.8 प्रतिशत, कुवैत 17.1 प्रतिशत और बहरीन 13.9 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज कर सकते हैं।

--आईएएनएस

[@ गुणकारी अंगूर,जानिए इसके 5 लाभ]


[@ कुंडली का ये भाव बताता है आप ‘अमीर’ है या ‘गरीब’]


[@ खूब खाइए हरी सब्जियां घटेगा मोतियाबिंद का खतरा]


Headlines