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होर्मुज संकट के दौरान निर्बाध ईंधन की आपूर्ति, भारत के ऊर्जा क्षेत्र की ताकत को दिखाता है: एक्सपर्ट्स

Source : business.khaskhabar.com | Jun 30, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 uninterrupted fuel supply during the hormuz crisis demonstrates the strength of indias energy sector experts 825171नई दिल्ली । करीब चार महीनों तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने के दौरान भारत में ईंधन की आपूर्ति यथावत रहना और ग्राहकों पर न्यूनतम प्रभाव पड़ना, देश के ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती को दिखाता है, जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश, विविध स्रोतों से आपूर्ति और सरकारी निर्णयों में समन्वय से समर्थन प्राप्त है। यह जानकारी एक्सपर्ट्स की ओर से सोमवार को दी गई। 
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) वर्तिका शुक्ला ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के चलते पैदा हुई चुनौतियों ने भारत के ऊर्जा सेक्टर की ताकत को दिखाया है। इस दौरान भारत की आपूर्ति स्थिर रही और आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों का खुदरा कीमतों पर प्रभाव न्यूनतम रहा। इसकी वजह सरकार की ओर से समय पर आपूर्ति स्रोतों का विविधीकरण और एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर में पर्याप्त निवेश था।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एम.के.सुराना ने कहा कि जब पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ और होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में रुकावट आई, तो कई जानकारों को उम्मीद थी कि भारत को ईंधन की भारी कमी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि वह आयातित कच्चे तेल पर बहुत अधिक निर्भर है।
उन्होंने कहा, "जब टकराव शुरू हुआ और होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया, तो ज्यादातर जानकारों को लगा था कि 85 प्रतिशत आयातित कच्चे तेल पर निर्भर भारत की आपूर्ति थप हो जाएगी और देश में पेट्रोल की कमी हो जाएगी। "
सुराना ने आईएएनएस को बताया, "एलपीजी भी नहीं मिल पाती। भारी कमी हो जाती और बड़े पैमाने पर कामकाज बंद हो जाता। हैरानी की बात है कि जहां दुनिया भर के कई देशों को ऑड-ईवन फ्यूल राशनिंग, अनिवार्य रूप से घर से काम करने और शाम 5 बजे पेट्रोल पंप बंद करने जैसे आपातकालीन उपाय लागू करने पड़े, वहीं भारत के नागरिकों को ऐसे किसी भी आपातकालीन उपाय का सामना नहीं करना पड़ा।"
उन्होंने इस मजबूती का श्रेय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के मिले-जुले प्रयासों को दिया।
सुराना ने बताया कि रुकावटों के बावजूद, देश घरेलू खपत को प्राथमिकता देने के लिए आपूर्ति और मांग दोनों तरफ के उपायों को अपनाकर बिना किसी रुकावट के घरेलू कुकिंग गैस की आपूर्ति बनाए रखने में सफल रहा।
सुराना के अनुसार, कच्चे तेल के आयात में विविधता लाने और 40 से ज्यादा देशों से आपूर्ति हासिल करने की सरकार की रणनीति ने होर्मुज में आई रुकावट के असर को कम करने और भारत की लंबे समय की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
--आईएएनएस

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