चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह बाजार की धारणा है, न कि एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने का उपयोग: उद्योग संगठन
जीईएमए के अध्यक्ष डॉ. सी.के. जैन ने कहा कि वर्तमान स्थिति में चीनी की उपलब्धता पर एथेनॉल उत्पादन का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को एथेनॉल कार्यक्रम से जोड़ना सही नहीं होगा।
देश में चीनी की कोई कमी नहीं, कुछ हफ्तों में कम होंगी कीमतें: इस्मा
आईएसएमए के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि पिछले 15 से 20 दिनों के दौरान चीनी की कीमतों में जो बढ़ोतरी देखी गई है, उसके पीछे कई कारण हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में सट्टेबाजी और घबराहट में की गई खरीदारी से कीमतों को समर्थन मिला।
प्याज की कीमतों पर सरकार की कड़ी नजर, आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध : सूत्र
आमतौर पर अगस्त और सितंबर के दौरान प्याज की कीमतों में मौसमी बढ़ोतरी और उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। इसका कारण त्योहारी मांग में वृद्धि, मौसम संबंधी परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखला में बदलाव और मांग-आपूर्ति का संतुलन होता है।
सरकार ने गेहूं के आटे, मैदा और सूजी के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाईं
घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने 2022 में गेहूं और गेहूं से बने उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए थे। 13 मई 2022 को गेहूं की निर्यात नीति को मुक्त से प्रतिबंधित श्रेणी में कर दिया गया था।
सोने में तेजी जारी, 1.63 लाख रुपए के पार पहुंचा दाम; चांदी में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट
सोने की शुरुआत सोमवार को तेजी के साथ हुई और दाम 1.63 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। हालांकि, चांदी में करीब आधा प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है।
चीनी की बढ़ती कीमतों के पीछे एथेनॉल नहीं है कारण, गन्ने का कम उत्पादन और रिकवरी का है असर: कृषि विशेषज्ञ
नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, कानपुर के पूर्व निदेशक प्रोफेसर नरेंद्र मोहन ने कहा कि हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में जो तेजी देखने को मिली है, वह कुछ हद तक अप्रत्याशित जरूर है, लेकिन इसके लिए सीधे तौर पर एथेनॉल उत्पादन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
केंद्र ने कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी शून्य शुल्क पर आयात करने की अनुमति दी
बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी शून्य शुल्क पर आयात करने की अनुमति दी। इस कदम के जरिए सरकार की कोशिश कीमतों को नियंत्रण में रखना है।
त्योहारी सीजन से पहले मिठास पर महंगाई का तड़का: चीनी में रिकॉर्ड उछाल, खुदरा भाव 70 रुपये प्रति किलो के पार
त्योहारी मांग के बीच पिछले तीन हफ्तों में चीनी की कीमतों में 20 रुपये प्रति किलो का भारी उछाल आया है, जिससे खुदरा भाव 70 रुपये और थोक भाव 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। देश में चालू सत्र के दौरान 349 लाख टन उत्पादन के साथ 18 प्रतिशत अधिक उत्पादन होने के बावजूद सीमित आपूर्ति और घटते स्टॉक के चलते मंडियों में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
चीनी की कीमतों में उछाल के बीच सरकार ने थोक उपभोक्ताओं पर लागू की 15 दिन की स्टॉक सीमा
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नया आदेश 1 सितंबर से लागू होगा और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा, जिसका उद्देश्य जमाखोरी पर रोक लगाना और बाजार में चीनी की आपूर्ति बनाए रखना है।
भारत का मखाना बाजार 2029-30 तक 12,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना, बढ़ती मांग से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
भारत का मखाना (फॉक्स नट) क्षेत्र आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार करने की राह पर है। केंद्र सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, बढ़ते उत्पादन, मजबूत घरेलू मांग, बेहतर कीमतों और निर्यात में वृद्धि के बल पर देश का मखाना बाजार वर्ष 2029-30 तक 11,000 से 12,000 करोड़ रुपए के आकार तक पहुंच सकता है।
नारियल उत्पादन में भारत सबसे आगे, वैश्विक स्तर पर हिस्सेदारी 31 प्रतिशत से अधिक
बयान में कहा गया कि 2024-25 के दौरान 2,979 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को नई नारियल खेती के तहत लाने के लिए करीब 209.24 लाख रुपए का उपयोग किया गया। इस पहल से देश के विभिन्न राज्यों के 13,068 किसानों को लाभ मिला।
सोने ने की धमाकेदार वापसी, चांदी का दाम 2.35 लाख रुपए के पार
सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार के सत्र में तेजी देखी गई। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1,800 रुपए बढ़ गया है।