जापानी बैंक एमयूएफजी का भारत के वित्तीय सेक्टर में बड़ा निवेश, श्रीराम फाइनेंस में खरीदी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी
जापान की दिग्गज बैंकिंग कंपनी मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (एमयूएफजी) ने भारत के वित्तीय क्षेत्र में बड़ा निवेश किया है। बैंकिंग दिग्गज ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने श्रीराम फाइनेंस में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। यह सौदा लगभग 4.4 अरब डॉलर, यानी करीब 39,600 करोड़ रुपए का है। यह निवेश शेयरों के विशेष आवंटन (प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट) के जरिए किया गया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत समय पर दावा निपटान में गुजरात अग्रणी
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री अमृतम (एबी पीएमजेएवाई-एमए) के तहत लाभार्थियों को दावा भुगतान के मामले में गुजरात देश में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है।
अरुणाचल के ऊर्जा रोडमैप को मजबूती, उपमुख्यमंत्री ने जलविद्युत परियोजनाओं की समीक्षा की
अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चोवना मीन ने राज्य के दीर्घकालिक ऊर्जा रोडमैप को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रमुख और लघु जलविद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ईपीएफओ की नई पहल, कर्मचारियों को पीएफ में जोड़ने के लिए कंपनियों को मिलेगा 6 महीने का समय
ईपीएफओ ने इस योजना का नाम कर्मचारी नामांकन योजना यानी एंप्लाइज एनरोलमेंट स्कीम (ईईएस)-2025 रखा है। यह एक बार मिलने वाली विशेष योजना है, जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को पीएफ की सुविधा देना और पहले हुई गलतियों को आसानी से ठीक करना है।
सरकारी पेटेंट रिपोर्ट में जियो सबसे आगे, 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट फाइल
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक वर्ष में 1,037 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट दाखिल किए हैं। यह संख्या रैंकिंग में दूसरे से दसवें स्थान तक मौजूद सभी भारतीय कंपनियों और संस्थानों द्वारा दाखिल पेटेंट्स के कुल जोड़ से दोगुनी से भी अधिक है। TVS मोटर (238), CSIR (70), IIT मद्रास (44) और ओला इलेक्ट्रिक (31) जैसे नाम इस दौड़ में काफी पीछे नजर आते हैं।
भारत में होम लोन वितरण 2035 तक 150 लाख करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट
भारत के होम लोन मार्केट में तेजी से बदलाव आ रहा है और अगले एक दशक यानी 2035 तक होम लोन का वितरण 150 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
2024-25 में भारतीय फार्मा निर्यात में 9 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि: केंद्र
वाणिज्य सचिव ने रेखांकित किया कि भारत आज मात्रा के हिसाब से विश्व का तीसरा सबसे बड़ा और मूल्य के हिसाब से चौदहवां सबसे बड़ा दवा उत्पादक है, जिसमें 3,000 से अधिक कंपनियां, 10,500 विनिर्माण इकाइयां और 60 चिकित्सीय क्षेत्रों में 60,000 से अधिक जेनेरिक ब्रांड शामिल हैं।