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अंबुजा सीमेंट्स की दूसरी तिमाही में आय 9 हजार करोड़ रुपए के पार, बिक्री 16.5 मिलियन टन रही

Source : business.khaskhabar.com | Oct 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 ambuja cements second quarter revenue surpasses ₹9000 crore with sales at 165 million tonnes 857174अहमदाबाद । अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने गुरुवार को वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस दौरान कंपनी की परिचालन से आय तिमाही आधार पर 9,197 करोड़ रुपए रही है। वहीं, ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए 1,271 करोड़ रुपए और ईबीआईटीडीए मार्जिन 13.8 प्रतिशत रहा है। 
स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के अनुसार, सीमेंट निर्माता ने तिमाही के दौरान 16.5 मिलियन टन की बिक्री दर्ज की, जिसमें उसके ट्रेड बिजनेस में लगातार हो रही वृद्धि का योगदान रहा।
ट्रेड वॉल्यूम में सालाना आधार पर 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ट्रेड सेल्स का हिस्सा 6 प्रतिशत अंक बढ़कर 74 प्रतिशत हो गया।
ट्रेड सेल्स में प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले की तुलना में 2 प्रतिशत अंक अधिक है।
कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, इस तिमाही में कंपनी का प्रति टन ईबीआईटीडीए 770 रुपए रहा।
अंबुजा सीमेंट्स ने बताया कि इस तिमाही में उसने 4.6 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की नई क्षमता शुरू की है, जिसमें दहेज, सलाई बनवां और कलंबोली की परियोजनाएं शामिल हैं।
बठिंडा और जोधपुर पेन्ना में 3.2 एमटीपीए की अतिरिक्त क्षमता को स्थिर किया जा रहा है और बढ़ाया जा रहा है, जबकि वारिसलीगंज में 2.4 एमटीपीए की क्षमता के वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है।
कंपनी के प्रदर्शन पर अंबुजा सीमेंट्स के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ विनोद बहेती ने कहा कि मौसमी चुनौतियों और बाहरी दबावों के बावजूद, कंपनी के नतीजे गुणवत्ता-आधारित विकास पर इसके फोकस को दर्शाते हैं।
बहेती ने कहा, "वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही का हमारा प्रदर्शन यह दिखाता है कि मौसमी और बाहरी चुनौतियों के बावजूद अंबुजा का फोकस गुणवत्तापूर्ण विकास पर है। व्यापार को मजबूत करने और प्रीमियम उत्पादों के मिश्रण से राजस्व की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जबकि अनुशासित क्रियान्वयन और लागत प्रबंधन ने मुनाफे को बढ़ाने में मदद की है।"
कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में कुल लागत 4,182 रुपए प्रति टन रही।
भू-राजनीतिक व्यवधानों के प्रभाव को शामिल करने पर, कुल लागत 4,410 रुपए प्रति टन थी। पेटकोक और कोयले की ऊंची कीमतों, डीजल की अधिक लागत और पैकेजिंग खर्च में बढ़ोतरी के कारण इंडस्ट्री के मार्जिन पर दबाव बना रहा।
कंपनी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में लॉजिस्टिक्स लागत में थोड़ी वृद्धि हुई है, हालांकि प्राइमरी लीड दूरी को 265 किमी से घटाकर 254 किमी करने से इस प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सका।
वित्तीय मोर्चे पर, अंबुजा ने अपनी बैलेंस शीट को कर्ज-मुक्त बनाए रखा है। कंपनी की नेट वर्थ 72,238 करोड़ रुपए है, और इसके पास 1,070 करोड़ रुपए की नकदी मौजूद है।
इसके अलावा, कंपनी के पास क्रिसिल, केयर रेटिंग्स, इंडिया रेटिंग्स और आईसीआरए जैसी एजेंसियों से सर्वोच्च एएए/ए1 प्लस क्रेडिट रेटिंग है।
--आईएएनएस
 

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