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केंद्र सरकार देश के रेशम उत्पादन क्षेत्र के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध, उत्पादन 2030-31 तक 60,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का टारगेट

Source : business.khaskhabar.com | Sep 21, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 central government committed to expanding silk production sector target set to reach 60000 metric tonnes by 2030 31 846305मुंबई । केंद्र सरकार देश के रेशम उत्पादन क्षेत्र के विस्तार और रेशम किसानों की आर्थिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है और 2030-31 तक उत्पादन को 60,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह बयान रविवार को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया। 
 
बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में सिंह ने कहा,"देश का रेशम उत्पादन जो 2014 में 26,000 मीट्रिक टन था, आज बढ़कर 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। 2030-31 तक इसे 60,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है और 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है।"
उन्होंने कहा कि इस दिशा में शहतूत के पत्तों की पैदावार बढ़ाकर और रेशम के कीड़ों के पालन-पोषण के चक्रों को बढ़ाकर किसानों की वार्षिक आय को 10 लाख से 12 लाख रुपए तक बढ़ाने की आकांक्षा है।
मंत्री ने रेशम उत्पादक किसानों में प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ रेशम किसान’ पुरस्कार प्रतियोगिताओं के आयोजन का आह्वान किया। 
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिकों के नए आविष्कार, संकर किस्में और आधुनिक मशीनरी सीधे किसानों तक पहुंचनी चाहिए। मंत्री ने बताया कि ऐसे समय में जब चीन का रेशम उत्पादन घट रहा है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है। 
उन्होंने कहा कि रेशम उत्पादन से लेकर कताई और बुनाई तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना, देश के वस्त्र बाजार को 300 बिलियन डॉलर तक ले जाना और बुनकरों और श्रमिक वर्ग के लिए न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं।
इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि कर्नाटक देश के कुल रेशम उत्पादन में अग्रणी स्थान रखता है और सरकार इस क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। 
आधुनिक तकनीकों और उच्च उत्पादन विधियों को अपनाकर वैश्विक निर्यात मानकों के रेशम उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है जिससे घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और आयात पर निर्भरता काफी कम होगी। बड़ी संख्या में उद्यमी एमएसएमई ढांचे के तहत पंजीकरण करा रहे हैं और सरकार उन्हें सहयोग देने के लिए लगातार अनुदान और गुणवत्ता सुधार योजनाएं लागू कर रही है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों को उपयुक्त बाजार पहुंच प्रदान करना और रेशम उत्पादन और वस्त्र उद्योग क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
--आईएएनएस
 

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