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मौसम की मार और वैश्विक मांग से हरी इलायची में उबाल: एक महीने में ₹500 चढ़े दाम, 4500 रुपए प्रति किलो पहुंची

Source : business.khaskhabar.com | July 24, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 green cardamom prices rise due to weather and global demand prices rise by ₹500 in a month reaching ₹4500 per kg 831309
बिजनेस डेस्क। जयपुर 

मानसून के मौसम में रसोई का स्वाद और सुगंध बढ़ाने वाली छोटी हरी इलायची आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारियों की जेब भी ढीली कर रही है। पिछले एक महीने के भीतर इसके दामों में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिला है। जयपुर के स्थानीय किराना व मेवा बाजार (ड्राई फ्रूट मार्केट) में उच्च गुणवत्ता वाली जगरतन ब्रांड हरी इलायची (8 से 8.50 एमएम) की कीमतें मात्र 30 दिनों में 500 रुपये प्रति किलो उछलकर शुक्रवार को 4500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। 

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भारी तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं—खराब मौसम के कारण घरेलू पैदावार में भारी गिरावट, खाड़ी देशों सहित अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय इलायची की बढ़ती मांग और इसकी तुड़ाई में लगने वाला अत्यधिक मानवीय श्रम। भारत में हरी इलायची के सबसे बड़े उत्पादक राज्य केरल और अन्य दक्षिण भारतीय इलाकों में इस साल अल नीनो का असर और अनियमित बारिश देखने को मिली है। 

मौसम के इस असंतुलन के कारण इलायची की पैदावार में करीब 10 से 20 प्रतिशत की सीधी गिरावट दर्ज की गई है। पैदावार कम होने से मंडियों में नई फसल का स्टॉक देरी से पहुंच रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी देश 'ग्वाटेमाला' माना जाता है। लेकिन इस वर्ष ग्वाटेमाला में भी कम उत्पादन के कारण वैश्विक बाजार में इलायची की भारी किल्लत देखी जा रही है। इसका सीधा फायदा भारतीय इलायची को मिला है। 

खासतौर पर खाड़ी देशों (Gulf Countries) में भारतीय हरी इलायची की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है, जिससे घरेलू मंडियों में माल की किल्लत और गहरा गई है। उत्तर भारत की बड़ी मंडियों और प्रमुख कारोबारियों द्वारा भविष्य में और तेजी की आशंका के चलते लगातार स्टॉक बढ़ाने (Stocking) की कोशिश की जा रही है। 

जानकारों का कहना है कि नई फसल की आवक बाजार में पूरी तरह से शुरू होने में अभी लगभग एक महीने का समय बाकी है। मंडियों में पुराना माल पहले से ही काफी कम है, जिसके चलते आगामी दिनों में भी हरी इलायची की कीमतों में मजबूती का यह रुख बना रहने के पूरे आसार हैं।

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