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ट्राई ने ट्रूकॉलर को 1600 सीरीज से फ्रिक्वेंटली ब्लॉक्ड टैग हटाने का दिया निर्देश 

Source : business.khaskhabar.com | July 20, 2026 | businesskhaskhabar.com Gadget News Rss Feeds
 trai directs truecaller to remove the frequently blocked tag from the 1600 number series 830007नई दिल्ली । टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने ट्रूकॉलर द्वारा 140 और 1600 नंबर सीरीज से आने वाली कॉल्स पर "फ्रिक्वेंटली ब्लॉक्ड" का टैग दिखाने पर आपत्ति जताई है। टेलीकॉम नियामक का कहना है कि ऐसे लेबल टेलीकॉम ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं और सही कमर्शियल और सरकारी बातचीत को लेकर बेवजह शक पैदा कर सकते हैं। 
ट्राई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि रेगुलेटेड नंबर सीरीज को "फ्रिक्वेंटली ब्लॉक्ड" जैसे लेबल के साथ टैग करना सही नहीं है, क्योंकि इससे यूजर्स के मन में दुविधा की स्थिति पैदा हो सकती है और रेगुलेटर के तय नियमों के तहत की जाने वाली कॉल्स पर भरोसा कम हो सकता है।
टेलीकॉम नियामक ने ट्रूकॉलर को सुझाव दिया है कि यूजर्स को यह बताने वाला एक मैसेज दिखाना चाहिए कि वे ट्राई के आधिकारिक 'डू नॉट डिस्टर्ब' (डीएनडी) प्रेफरेंस मैनेजमेंट ऐप के जरिए 140 सीरीज से आने वाले अनचाहे प्रमोशनल कम्युनिकेशन को ब्लॉक करने का विकल्प चुन सकते हैं।
नियामक के अनुसार, अलग-अलग नंबरों को लेबल करने के बजाय डीएनडी सिस्टम के बारे में लोगों में अधिक जागरूकता लाना ज्यादा असरदार समाधान होगा, क्योंकि इससे कंज्यूमर अपने कम्युनिकेशन से जुड़े विकल्पों को व्यवस्थित तरीके से मैनेज कर सकते हैं।
ट्राई ने 1600 सीरीज को खास तौर पर रेगुलेटेड बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) कंपनियों की सर्विस और ट्रांजैक्शनल कॉल के लिए तय किया है। इनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया, इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी की निगरानी में काम करने वाली कंपनियां शामिल हैं। इस सीरीज का इस्तेमाल सरकार और नागरिकों के बीच कम्युनिकेशन के लिए भी किया जाता है।
वहीं, 140 सीरीज को अलग-अलग सेक्टर की रजिस्टर्ड कंपनियों की तरफ से किए जाने वाले प्रमोशनल कॉल के लिए तय किया गया है।
सीनियर अधिकारी ने चेतावनी दी कि किसी भी हाल में 1600 सीरीज के नंबरों को इस तरह से मार्क नहीं किया जाना चाहिए कि ग्राहक उन्हें उठाने से बचें, क्योंकि ऐसी कॉल्स में जरूरी फ्रॉड अलर्ट, ट्रांजैक्शन वेरिफिकेशन, बैंकिंग नोटिफिकेशन और सरकारी सूचनाएं शामिल हो सकती हैं।
वहीं. ट्रूकॉलर का कहना है कि ट्राई के डेडिकेटेड नंबर सीरीज के इस्तेमाल को अनिवार्य करने और कॉलर आइडेंटिफिकेशन ऐप्स को इन नंबरों के लिए कम्युनिटी-रिपोर्टेड स्पैम जानकारी दिखाने से रोकने के बाद से स्पैम कॉल्स बढ़ गए हैं।
कंपनी के मुताबिक, कई यूजर्स ने इन सीरीज से आने वाली कॉल्स को नजरअंदाज करना या ब्लॉक करना शुरू कर दिया है, जिससे असली बिजनेस कम्युनिकेशन पर भरोसा कम हो रहा है।
  

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